अंबाला। मानव तस्करी की सूचना पर एक बार फिर न्यू जलपाईगुड़ी-अमृतसर कर्मभूमि एक्सप्रेस में छापामारी की गई। इस दौरान आरपीएफ, जीआरपी, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग और रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम के लगभग 30 सदस्यों ने अलग-अलग कोच से चार नाबालिगों को संरक्षण में लिया। चारों नाबालिग की उम्र 13 से 17 वर्ष है। प्राथमिक पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह लुधियाना की एक फैक्टरी में काम करने जा रहे थे।
ट्रेन नंबर 02407 न्यू जलपाईगुड़ी से चलकर अमृतसर जाने के लिए दोपहर लगभग 1.30 बजे अंबाला के प्लेटफार्म नंबर छह पर पहुंची। इससे पहले गुप्त सूचना पर छापामारी के लिए टीम तैनात थी। ट्रेन के 5 मिनट के ठहराव के दौरान चेकिंग कर 4 नाबालिगों को संरक्षण में लिया गया। बच्चे अकेले ही ट्रेन में सफर कर रहे थे। संरक्षण में लिए गए चारों बच्चे बिहार के निवासी हैं। इनमें से दो पटना, एक पूर्णिया और एक शिवहर जिले से है। बच्चों ने पूछताछ में बताया कि वह लुधियाना की फैक्टरी में मजदूरी के लिए जा रहे थे। कार्रवाई के दौरान आरपीएफ प्रभारी मानवेंद्र सहाय, जीआरपी प्रभारी विलायती राम, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम से राजेंद्र कुमार, रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन टीम से राकेश चोपड़ा मौजूद रहे।
सोनपुर से मिला था गुप्त संदेश
बनारस, लखनऊ, मुरादाबाद, अंबाला, फिरोजपुर की टीम को जानकारी दी गई थी कि चार अगस्त को गाड़ी संख्या-02407 कर्मभूमि एक्सप्रेस स्पेशल में सोनपुर मंडल में बाल तस्कर के साथ कुछ नाबालिगों को पकड़ा गया है। आशंका जताई गई थी कि उक्त ट्रेन में कुछ और बालकों के साथ तस्कर शामिल हो सकते हैं।
तीन बार हुई छापामारी
कर्मभूमि एक्सप्रेस में पिछले लगभग 30 दिनों के भीतर 3 बार मानव तस्करी की सूचना पर छापामारी की गई। पहला मामला 8 जुलाई का है। इसमें 22 बच्चों को संरक्षण में लिया गया था। इसके बाद 29 जुलाई को छापामारी कर ट्रेन से 50 बच्चों को संरक्षण में लिया गया और 27 बच्चों की काउंसलिंग की गई।
जीआरपी थाने में दर्ज डीडीआर
मामले की गंभीरता को देखते हुए छावनी जीआरपी थाने में डीडीआर दर्ज की गई है। इसमें चार नाबालिग बच्चों के संबंध में प्राथमिक जानकारी दर्ज की गई है। अब आगामी कार्रवाई काउंसलिंग रिपोर्ट के बाद होगी।
- विलायती राम, प्रभारी जीआरपी थाना।