अंबाला। अंतरराष्ट्रीय स्तर के वारहीरोज मेमोरियल स्टेडियम की सूरत संवारने की योजना प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। स्टेडियम के बाहर की सुंदरता को निखारने के लिए ग्लास वॉल यानी कांच की दीवार बनाने का प्रस्ताव था। बाकायदा इस कांच की दीवार के लिए स्टेडियम के बाहर बनी खेल विभाग की दीवारों को भी तोड़ा गया था।
बावजूद अभी तक वह धरातल पर नहीं उतर पाया है। आलम यह है कि उचित देखरेख और सौंदर्यीकरण के अभाव में स्टेडियम की बाहरी चमक फीकी पड़ रही है और मामला केवल पत्राचार तक सिमट कर रह गया है।
लंबी-लंबी झाड़ियों से और बिगड़ रही सूरत : स्टेडियम के बाहर ही कांच की दीवार वाली जगह पर सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चमरा गई है। लंबी-लंबी झाड़ियां उगी पड़ी है और इस खाली एरिया में बेसहारा गोवंशों का जमावड़ा लगा रहता है। कई बार स्थानीय लोग इस जगह पर कूड़ा भी डालते देखते जाते हैं। हर बार निर्माणाधीन स्टेडियम का मामला कोर्ट में विचारधारा होने की बात बोलकर टाल दिया जाता है।