मुलाना (अंबाला)। पंचकूला के मौली गांव में दलित दूल्हे को घोड़ी में बैठने से रोकने पर पैदा हुए विवाद और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर रायपुररानी में महापंचायत हुई। इसमें भाग लेने के लिए उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने पहुंचना था लेकिन दोपहर पौने तीन बजे उन्हें साहा में पुलिस ने रोक लिया। इसके बाद पुलिस उन्हें मुलाना रेस्ट हाउस में लेकर पहुंची।
विश्राम गृह मुलाना में भारी पुलिस बल तैनात रहा। यहां पुलिस प्रशासन और सांसद चंद्रशेखर आजाद के बीच लगभग ढाई घंटे बात हुई। पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया कि इस मामले में आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके बाद शाम सवा पांच बजे सांसद को छोड़ दिया।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने 15 दिन का आश्वासन दिया है। अगर तय दिनों में कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे। सांसद ने कहा कि 16 मई को हरियाणा सीएम हाउस का घेराव किया जाएगा।
संसद में उठाएंगे मामला, आत्मसम्मान की लड़ाई
सांसद ने कहा कि वे हरियाणा के इस मामले को संसद में उठाएंगे। मुलाना में इस दौरान पीड़ित परिवार ने भी नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद से मुलाकात की और व्यथा सुनाई। उन्होंने बताया कि किस प्रकार बरात को रोकने के लिए जातिवादी गुंडों ने हमले किए और बाद में गांव में दलित समाज पर अत्याचार बढ़ा दिए गए। यह निंदनीय है।
करीब ढाई घंटे चली इस बातचीत में सांसद चंद्रशेखर ने स्पष्ट कहा कि यह मामला केवल एक गांव का नहीं बल्कि पूरे समाज के आत्मसम्मान का है। पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया कि 15 दिन के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी। सांसद ने कहा कि वे पुलिस को 16 दिन का समय देते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि 16 मई तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो मैं स्वयं सड़कों पर उतरकर न्याय की लड़ाई को आंदोलन में बदल दूंगा।
आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप
सांसद ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपियों को सरकार और प्रशासन का संरक्षण है लेकिन यह नहीं होने दिया जाएगा। मौके पर डीएसपी नारायणगढ़ सूरज चावला, डीएसपी पंचकूला सुखपाल सिंह, रायपुररानी से दलीप कुमार, थाना प्रभारी पड़ाव धर्मबीर, थाना मुलाना प्रभारी बलकार सिंह , थाना प्रभारी साहा करमवीर सहित पुलिस बल मौजूद रहे।