अंबाला। साहा शहजादपुर राजमार्ग पर स्थित उम्मीद फाउंडेशन की ओर से संचालक एक नशा मुक्ति केंद्र पर बुधवार को पुलिस ने दबिश दी। दबिश के दौरान केंद्र संचालक से दस्तावेजों की जानकारी ली गई। केंद्र संचालक ने लाइसेंस दिखाया, इसके बाद पुलिस ने नशा करने वाले युवकों से बात की, उनका पता आदि जानकारी ली गई। उन्हें किस प्रकार रखा जाता है इस संबंध में पूछा गया। केंद्र की रसोई, युवाओं के सोने के स्थान पर व्यवस्थाओं को देखा गया। इसके बाद पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को केंद्र की जानकारी दे दी। जांच देर तक चलने के कारण स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंच सकी। इस कारण से अभी मामले में आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की गई है। साहा थाना प्रभारी कर्मवीर ने बताया कि सूचना पर नशा मुक्ति केंद्र की जांच की गई थी। उनके दस्तावेज देखे गए हैं। दस्तावेजों की पड़ताल के लिए स्वास्थ्य विभाग वीरवार को जांच करेगा।
केंद्र में 25 युवक मिले
पुलिस काे नशा मुक्ति केंद्र में 25 युवक मिले। सभी से एक-एक कर पुलिस अधिकारियों ने बात की। यह कार्यवाही रात्रि आठ बजे तक चली। इसके बाद पुलिस लौट आई। वहीं युवक कहीं भाग न जाएं इसके लिए केंद्र पर सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए। अब उम्मीद है कि सुबह स्वास्थ्य विभाग की टीम के पहुंचने के बाद ही केंद्र को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। हालांकि पुलिस के अनुसार कोई बड़ी कमी दिखाई नहीं दी।
18 अगस्त को लंगर छन्नी गांव में पकड़ा था अवैध केंद्र
साहा थाना पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 18 अगस्त को साहा के गांव लंगर छन्नी में दबिश देकर अवैध नशा मुक्ति केंद्र का भंडाफोड़ किया था। यहां मौके से 23 युवाओं को बचाया गया था। मेडिकल के बाद सभी युवाओं व व्यक्ति को उनके परिजनों को सौंप दिया था। अवैध नशा मुक्ति केंद्र संचालक फतेहगढ़ साहिब निवासी राजबीर सिंह को पुलिस ने एक दिन के रिमांड के बाद बीते वीरवार कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि शातिर आरोपी ने खुद को सुरक्षित रखने के लिए अंबाला के आसपास शहर कुरुक्षेत्र, यमुनानगर व पंजाब के पटियाला, जालंधर आदि के युवाओं को अपने सेंटर में रखा हुआ था।