नगर निगम के सरकारी आवास में एक पुलिस कर्मी पिछले करीब 12 साल से परिवार सहित रह रहा है। इसके अलावा 30 ऐसे कर्मचारी हैं जोकि छह साल से सेवानिवृत्ति के बाद भी निगम के सरकारी क्वार्टर में जीवन यापन कर रहे हैं। वर्तमान में इस पुलिस कर्मचारी की ड्यूटी भी जिले में नहीं है।
दरअसल, करीब 12 साल पहले एसडीएम एमके आहूजा के कार्यकाल में उनके गनमैन रहे पुलिस कर्मचारी को उस समय नगर निगम में आवास दिलाया गया था। तब से उक्त पुलिस कर्मी का परिवार यहां रह रहा है। सरकारी क्वार्टर में रहने के साथ उक्त पुलिस कर्मी पुलिस विभाग से हाउस रेंट भी ले रहा है। बता दें कि नगर निगम के अलावा निगम के एमडीएसडी गर्ल्स कॉलेज व पालिका विहार के पास भी सरकारी क्वार्टर हैं। इस तरह नगर निगम में करीब कुल 60 क्वार्टर हैं।
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मुझे इस बात की जानकारी मिल चुकी है। करीब 30 कर्मचारी ऐसे हैं जोकि सेवानिवृत्ति के छह साल बाद भी सरकारी आवास में रह रहे हैं। जहां तक पुलिस कर्मी और उसके परिवार की बात है तो वह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो निश्चित तौर पर इस मामले की भी जांच करवाई जाएगी। इसी कारण जो नियमित कर्मी अभी सेवाएं दे रहे हैं उन्हें लाभ नहीं मिल रहा।
शक्तिरानी शर्मा, मेयर नगर निगम
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मामला संज्ञान में आया है। इस मामले की क्वार्टर के हिसाब से जांच की जा रही है। पुलिस कर्मी का मामला भी संज्ञान में आया है। जांच के बाद ही सही स्थिति स्पष्ट होगी। ऐसा है तो निश्चित तौर पर नियमानुसार हम कार्रवाई भी करेंगे।
जरनैल सिंह, ईओ नगर निगम।