अंबाला। बब्याल में फर्जी एनडीसी से रजिस्ट्रियां कराकर नौ कनाल छह मरले जमीन को प्लॉटों में बांटकर बेचने का मामला सामने आया है।
पीड़ित बब्याल निवासी अनिल कुमार की शिकायत पर पुलिस ने विशाल अग्रवाल, योगेश, अंजु धीमान, शेर सिहं, निखिल अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल, हरनीत, गुरमीत सिहं, अनिता देवी, राकेश कुमार, सुभाष और राज कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
बताया जाता है कि पीड़ित लंबे समय से न्याय की गुहार लगाने के लिए भटक रहा था। एसपी को शिकायत करने के बाद अब मामला दर्ज हुआ है। महेश नगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रामपाल ने बताया कि मामला पुराना है और गंभीरता से जांच की जा रही है।
पुलिस को दी शिकायत में बब्याल निवासी अनिल ने आरोप लगाते हुए बताया कि उसकी मुस्तर के खाते की खेतीबाड़ी की उपजाऊ जमीन बिना तकसीम करवाये प्लॉट नंबर डालकर बिना एनडीसी के रजिस्ट्रियां करवाकर बेच दी गई। सीएलयू की परमिशन भी नहीं ली गई। अटॉर्नी और रजिस्ट्रियों में जो रकबा लिखा है, खरीदार प्रापर्टी डीलरों ने उससे ज्यादा रकबे पर कब्जा किया है। प्रॉपर्टी डीलर व हिस्सेदारों ने नगर परिषद से अवैध खसरा नंबरों की जाली एनडीसी तैयार कराई और अवैध कॉलोनी का नक्शा तैयार करके उपजाऊ भूमि को छोटे-छोटे टुकड़ों में बिना सरकार की अनुमति के बेच दिया।
अनीता देवी के नाम पर नगर परिषद से रजिस्ट्री कराते समय अनीता देवी की मिली भगत से प्रॉपर्टी डीलर विमल अग्रवाल का नाम साथ जोड़ दिया। सात कनाल 11 मरले की प्रॉपर्टी डीलरों के द्वारा तैयार करवाई गई रजिस्ट्री के लिए 20 से 21 के लगभग प्लाट नंबर डाले हैं, क्योंकि असल रजिस्ट्री जो तहसील कार्यालय में है, उसमें कोई भी प्लाट नंबर नहीं डला हुआ है।
आरोप लगाया है कि नगर परिषद से अनअप्रूवड खसरों की जाली एनडीसी तैयार करवाई गई, जिसके माध्यम से 10 से 11 रजिस्ट्रीयां अंबाला कैंट तहसील में अलग- अलग खरीदारों के नाम पर पंजीकृत करवाई गई। 18 नंबर प्लाट जसपाल सिंह को बेचा गया है। उसके लिए फुल पेमेंट की रसीद को सीनियर डिप्टी मेयर साहब ने तसदीक किया था। जिला टाउन प्लानर के द्वारा भी इस जमीन पर बनी कॉलोनी को अवैध बताया गया। सीएम विंडो पर उसने शिकायत दी। बाद में पता चला कि इन प्रॉपर्टी डीलरों के पास कॉलोनी काटने का लाइसेंस भी नहीं है। इसके अलावा आरोप लगाया है कि आरोपियों ने सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत भी दी।