अंबाला। जनरल टिकट यात्रियों को सुविधा प्रदान करने के लिए अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर लगाई स्वचलित टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) मात्र शोपीस बनकर रह गई हैं।
जानकारी के अभाव में जनरल टिकट यात्री इन मशीनों का प्रयोग नहीं कर पा रहे। इसलिए मजबूरन उन्हें आज भी अनारक्षित टिकट केंद्र पर लंबी लाइनों में खड़े होकर टिकट लेने के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं। ऐसे में कई बार यात्रियों की ट्रेन भी छूट जाती है।
दो माह पहले लगाई थी मशीनें
कोरोना काल के दौरान अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर पांच स्वचलित टिकट वेंडिंग मशीनें लगी हुई थी जोकि रख-रखाव के अभाव में कंडम हो गई। लगभग दो माह पहले ही तीन नई मशीनों को अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर स्थापित किया गया है ताकि जनरल टिकट यात्रियों को लंबी लाइनों से छुटकारा मिल सके। लेकिन अब ये मशीनें भी पूर्व की तरह ही धूल फांक रही हैं।
मशीन पर कर्मचारी नहीं तैनात
जनरल टिकट यात्रियों को सुविधा प्रदान करने के लिए स्वचलित टिकट वेंडिंग मशीनें तो स्टेशन पर लगा दी गई, लेकिन इन पर किसी भी कर्मचारी को तैनात नहीं किया गया जोकि यात्रियों का मार्गदर्शन कर सके कि वो किस प्रकार पैसे डालकर टिकट निकाल सकते हैं। इसके लिए रेलवे ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की तैनाती को लेकर योजना तैयार की थी। किसी भी रेल कर्मचारी का रूचि नहीं ली।
रोजाना कट रही 22 हजार टिकट
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर रोजाना 22 हजार जनरल टिकट काटी जा रही हैं। इससे रेलवे को लगभग 18 लाख रुपये की आमदनी होती है। यहां पंजाब और हिमाचल सहित अन्य क्षेत्रों से लोग ट्रेन में सफर करने के लिए आते हैं। इनमें बिहार और यूपी की तरफ सफर करने वाले श्रमिकों की तादाद सबसे अधिक होती है जोकि जनरल टिकट लेकर ही ट्रेन में सफर करते हैं।
वर्जन
स्टेशन पर तैनात कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वो समय-समय पर मशीनों पर खड़े होकर यात्रियों को टिकट निकालने की जानकारी दें।
नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के पूछताछ केंद्र के पास लगी एटीवीएम। संवाद