फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ambala News: यूएपीए मामले में बिना मंजूरी चालान पेश करने पर तत्कालीन थाना प्रभारी और जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के आदेश

विज्ञापन
विज्ञापन
अदालत ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक को दिए आदेश, चार साल तक मुकदमा झेलने और तीन साल जेल में रहने के बाद भी नहीं मिली अभियोजन स्वीकृति
विज्ञापन

माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। अदालत ने गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज एक मामले में पुलिस विभाग की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने पाया कि बिना अनिवार्य मंजूरी के जल्दबाजी में चालान पेश कर दिया गया, जिसके कारण दो आरोपियों को चार साल तक अदालत के चक्कर काटने पड़े और लगभग तीन साल तक जेल में रहना पड़ा। मामले में अदालत ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को संबंधित जांच अधिकारी और तत्कालीन थाना प्रभारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार बंसल की अदालत में हरविंदर सिंह उर्फ प्रिंस और प्रेम सिंह के खिलाफ यूएपीए की धारा 13 के तहत मामला विचाराधीन है। 17 फरवरी 2023 को तत्कालीन न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में पुलिस ने इस मामले का चालान पेश किया था। कानून के मुताबिक यूएपीए के तहत चालान पेश करने से पहले सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी लेना अनिवार्य होता है, लेकिन पुलिस ने बिना किसी मंजूरी के चालान दाखिल कर दिया।
विज्ञापन


दो माह और सात अवसर दिए मगर पेश नहीं की मंजूरी
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद जब 4 अगस्त 2026 को आदेश सुनाया जाना था, तब अदालत के संज्ञान में आया कि यूएपीए की धारा 45 के तहत केंद्र सरकार या अधिकृत अधिकारी से कोई मंजूरी नहीं ली गई है। इसके बाद अदालत ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अभियोजन पक्ष को मंजूरी के लिए पर्याप्त अवसर दिए, लेकिन दो महीने और सात प्रभावी मौके मिलने के बाद भी मंजूरी पेश नहीं की जा सकी। अदालत ने अभियोजन पक्ष को मंजूरी आदेश पेश करने का अंतिम अवसर देते हुए मामले की अगली सुनवाई 23 अक्टूबर तय की है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में मंजूरी नहीं मिलती है, तो अदालत मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही करेगी।
विज्ञापन


आपत्तिजनक बैनर लगाने का मामला
मामला बलदेव नगर थाने से जुड़ा हुआ है। जुलाई 2022 में हरविंदर सिंह उर्फ प्रिंस और प्रेम सिंह पर आरोप था कि उन्होंने कथित तौर पर एक पेड़ पर आपत्तिजनक/प्रतिबंधित बैनर लगाया था। पुलिस ने उन पर प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस और खालिस्तान समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू से जुड़े होने के आरोप भी लगाए थे। इन आरोपों पर हरविंदर सिंह उर्फ प्रिंस और सह-आरोपी प्रेम सिंह के खिलाफ बलदेव नगर पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 153-ए (धार्मिक/जातीय वैमनस्य फैलाना), 120-बी (आपराधिक साजिश) और यूएपीए की धारा 13 (गैरकानूनी गतिविधियों के लिए सजा) लगाई गई थीं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें