अंबाला। एक ही छत के नीचे पुनर्वास केंद्र स्थापित किया जाएगा और यहां जुवेनाइल बच्चों के रहने, खाने-पीने और पढ़ाई करने की सुविधा होगी। अंबाला सिटी के सद्दोपुर गांव में लगभग 21 एकड़ में यह पुनर्वास केंद्र स्थापित किया जाएगा और इस पर लगभग 59 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
यह योजना महिला व बाल कल्याण विभाग की तरफ से तैयार की गई है। इस कार्य को पूरा करवाने की जिम्मेदारी अंबाला के लोक निर्माण विभाग को सौंपी गई है। प्राथमिक चरण में इस योजना को नगर निगम आयुक्त द्वारा मान्यता दे दी गई है। दूसरे चरण में अब योजना के तहत आगामी कार्यवाही के लिए मुख्यालय स्तर पर जानकारी भेजी गई है, जिससे कि इस योजना को मान्यता मिलते ही धरातल पर उतरकर कार्य आरंभ करवाया जा सके। इस कड़ी में लोक निर्माण विभाग ने टीम को तैनात कर दिया है जोकि सद्दोपुर गांव में जाकर व्यवस्थाओं का आंकलन करेगी और इसके आधार पर ही नई इमारत के निर्माण की रुपरेखा तैयार की जाएगी।
सुरक्षित और सुविधाओं से होगा सुसज्जित
नई इमारत को सुरक्षा के हिसाब से तैयार किया जाएगा ताकि यहां रहने वाले बच्चे पूरी तरह से सुरक्षित रहें। नई इमारत में बच्चों को सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इसके अलावा जुवेनाइल से संबंधित जरूरी कार्यालयों का निर्माण भी किया जाएगा ताकि एक ही स्थान पर जुवेनाइल से जुड़े मामलों की सुनवाई और पड़ताल आदि हो सके। इमारत में ही बच्चों के खाने-पीने के लिए कैंटीन आदि का निर्माण किया जाएगा।
प्रशिक्षित स्टाफ होगा तैनात
जुवेनाइल बच्चों को शिक्षित करने और उन्हें एक अच्छा नागरिक बनाने के लिए पुनर्वास केंद्र में प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती की जाएगी जोकि बच्चों को समाज में एक अच्छा नागरिक बनने के लिए प्रेरित करेंगे। इसके अलावा उन्हें भौतिक ज्ञान भी दिया जाएगा। वहीं उन्हें व्यावसायिक कार्याें में निपुण करने के लिए भी प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे कि वो सजा काटने के बाद बिना किसी परेशानी के जीवनयापन कर सकें।
वर्जन
महिला व बाल कल्याण विभाग की तरफ से एक नई इमारत के निर्माण के लिए प्रस्ताव आया है। इसके तहत सद्दोपुर गांव में एक एकीकृत परिसर का निर्माण किया जाएगा। इसमें पुनर्वास केंद्र के अलावा जुवेनाइल के लिए समुचित व्यवस्थाएं होंगी। इस प्रस्ताव को मान्यता के लिए मुख्यालय को भेजा गया है।
रितेश अग्रवाल, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।