अंबाला सिटी। कृषि प्रधान प्रदेश हरियाणा में कृषि विकास अधिकारियों (एडीओ) की कमर काम के बोझ तले झुक रही है। एक-एक एडीओ को कई-कई ब्लॉक संभालने पड़ रहे हैं। नतीजा यह है कि एडीओ कृषि की आधुनिक तकनीक को धरातल पर किसानों के खेतों में उतने कारगर तरीके से नहीं उतार पा रहे, जितनी अपेक्षा है। सोमवार को कृषि विकास अधिकारी संगठन अंबाला की बैठक में जिला कार्यकारिणी की तरफ से जुड़े अध्यक्ष डॉ. सुशील गोयत ने बताया कि हरियाणा में कृषि विकास अधिकारियों के कुल 1197 पद स्वीकृत हैं। इतने पदों पर एडीओ भी नियुक्त होने चाहिए, हालांकि प्रदेशभर में केवल 270 एडीओ ही इस समय ब्लॉकों में तैनात हैं। एडीओ के बाकी पद प्रदेश में खाली पड़े हैं। प्रदेश में एडीओ के लगभग दो-तिहाई पद खाली होने का नतीजा यह है कि एक-एक एडीओ को कई-कई ब्लॉकों का काम संभालना पड़ रहा है।
अंबाला में एडीओ के सभी पद खाली
प्रदेश के कृषि प्रधान जिलों में में शामिल अंबाला जिले में एडीओ के लगभग सभी पद खाली हैं। अंबाला प्रथम, अंबाला द्वितीय, शहजादपुर ब्लॉक में एक भी एडीओ की तैनाती नहीं है। साहा, बराड़ा और नारायणगढ़ ब्लॉक में केवल एक-एक एडीओ तैनात हैं। जबकि काम के बोझ को देखते हुए एक ब्लॉक में 5 से 7 तक एडीओ की जरूरत है। जिले का हाल ये है कि कुल 57 पदों में से केवल 8 पद भरे हुए हैं बाकि 49 पद खाली है
कृषि मंत्रियों से मुलाकात का नहीं निकाला नतीजा
हरियाणा एग्रीकल्चर ऑफिसर्स एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल पिछले 8 साल में 20 बार कृषि मंत्रियों से मुलाकात कर चुका है। इन मुलाकातों में संगठन की केवल एक मांग प्रमुख रही, जिसमें एडीओ के खाली पद भरने के लिए कहा गया। कृषि मंत्रियों से 20 बार की मुलाकातों का भी कोई नतीजा नहीं निकाला और प्रदेश में एडीओ के खाली पड़े पदों को नहीं भरा गया।
नई भर्तियां न होने से काम हो रहा बाधित : डॉ. गोयत
हरियाणा एग्रीकल्चर ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गोयत का कहना है कि एडीओ के 1197 में से केवल 270 पद भरे हुए हैं। एडीओ के 800 से ज्यादा पद खाली होने के कारण एडीओ पर काम का बोझ बढ़ गया है। सरकार से कई बार खाली पद भरने की मांग की गई है, लेकिन अभी तक पद नहीं भरे गए हैं। इससे प्रदेश में कृषि के विकास और नई तकनीकों तथा सरकार की किसानों के लिए चलाई जा रही स्कीमों को किसानों तक तुरंत पहुंचने में दिक्कत आ रही है।