ईडी ने विधायक पर आरोप लगाया थे कि उन्होंने अपनी कंपनी के माध्यम से माइनिंग की कंपनियों को लाखों रुपये का फायदा पहुंचाया है। वहीं उनसे करोड़ों रुपये लिए हैं।
हरियाणा के अंबाला शहर स्थित न्यायालय में वीरवार को सोनीपत के विधायक सुरेंद्र पंवार को पेश किया गया। इसके बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में अंबाला की सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
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प्रवर्तन निदेशालय ने वीरवार को कोर्ट में विधायक को दो दिन के रिमांड पर लेने की अर्जी लगाई थी। इस पर ईडी के अधिवक्ता तरुण मेहता ने सुनवाई के दौरान तर्क दिया था कि पिछली रिमांड के दौरान कुछ ऐसे तथ्य मिले हैं जिसके लिए दो दिन का रिमांड चाहिए, लेकिन कोर्ट ने रिमांड की अर्जी खारिज कर दी और विधायक को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
विधायक पक्ष की तरफ से अधिवक्ता महादेव महाराज ने बताया कि वीरवार सुबह को 11 बजे के आसपास कोर्ट संख्या एक में सेशन जज कंचन माही के सामने पेश किया था। जहां पर प्रवर्तन निदेशालय ने दो दिन का रिमांड मांगा था। इस पर हमारी ओर से पक्ष रखते हुए बताया गया कि पहले के रिमांड में जो पूछताछ की गई है उसमें ऐसा क्या निकल कर आया है कि जिसके आधार पर दो दिन का रिमांड और मांगा जा रहा है। जबकि हम 12 दिन का रिमांड पहले ही पूरा कर चुके हैं।
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इसके बाद विधायक पक्ष ने अर्जी पढ़ने के लिए समय मांगा था। ऐसे में दोपहर दो बजे तक दोनों पक्षों में बहस चली। जिसके बाद कोर्ट ने शाम चार बजे अपना फैसला सुनाया और विधायक को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। गौरतलब है कि मनी लॉड्रिंग के तहत प्रवर्तन निदेशालय ने सोनीपत के विधायक सुरेंद्र पंवार को कुछ समय पहले गिरफ्तार किया था।