संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। हत्या के एक मामले में फंसे किशोर को जिला सत्र न्यायालय से जमानत मिल गई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंचन माही की अदालत ने निचली अदालत (किशोर न्याय बोर्ड) के आदेश को रद कर दिया है, जिसमें किशोर की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई थी। यह मामला 8 फरवरी को पुलिस थाना अंबाला कैंट में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें हत्या सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। कोर्ट में किशोर की तरफ से अधिवक्ता ने दलील दी कि उनके मुवक्किल को झूठा फंसाया गया है। जांच में सामने आया है कि मयंक की मौत रेलवे दुर्घटना में हुई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और केमिकल एग्जामिनर की रिपोर्ट में मृतक के गुर्दे, यकृत और फेफड़ों में अल्कोहल की मौजूदगी पाई गई थी।
मयंक और उसकी दोस्त के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग से पता चलता है कि मयंक खुद ही रेलवे ट्रैक की तरफ गया था जहां दुर्घटना हुई। अदालत ने पाया कि पीड़ित पक्ष अपनी रिपोर्ट या जवाब में यह साबित नहीं कर पाया कि जमानत देने से किशोर कोई परेशानी दे सकता है।