फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अश्विनी नक्षत्र सर्वार्थसिद्धि योग से शुरू हो रहा कार्तिक मास

विज्ञापन
विज्ञापन
हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक का महीना सर्वाधिक श्रेष्ठ माना जाता है। ज्योतिषी गिरीश आहूजा ने बताया कि कार्तिक मास 21 अक्तूबर दिन गुरुवार से अश्विनी नक्षत्र सर्वार्थसिद्धि योग से शुरू हो रहा है। जो 19 नवंबर शुक्रवार को समाप्त होगा।
विज्ञापन

कार्तिक मास में ही करवा चौथ, अहोई अष्टमी, गोवत्स द्वादशी, धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैया दूज, छठ पूजा, प्रबोधिनी एकादशी, देव दिवाली व अन्य त्योहार सहित कार्तिक पूर्णिमा मनाई जाती है।
इस महीने सुबह स्नान और सूर्योदय से पहले दीपदान का विशेष महत्व है। इस माह में पवित्र नदियों में ब्रह्ममुहूर्त में स्नान करना फलदायी होता है। ग्रंथों में कहा गया है कि अगर आप नदी के जल में स्नान करने में असमर्थ हैं तो नहाने के पानी में किसी पवित्र नदी का जल मिलाकर स्नान किया जा सकता है। ब्रह्ममुहूर्त सुबह 4:18 बजे से 5:07 बजे तक होगा और अमृत काल सुबह 8:25 बजे से 10:10 बजे तक रहेगा। इसी दिन सुबह सर्वार्थसिद्धि का शुभ योग सुबह 5:59 बजे से शाम 4:17 बजे तक रहेगा।
विज्ञापन

दान और दीपदान का विशेष महत्व
कार्तिक माह में दान और दीपदान बहुत ही शुभ फलदायक माना गया है। इस माह अक्षय नवमी, तुलसी विवाह, एकादशी और कार्तिक पूर्णिमा के दिन दान करने से उत्तम फल की प्राप्ति होती है। इस माह पवित्र नदियों, मंदिरों में आंवला के पेड़ और तुलसी के नीचे दीपदान किया जाता है। आयुर्वेद में तुलसी को रोग हरने वाली कहा गया है। यह घर में नकारात्मक ऊर्जा को आने से रोकती है। दीपदान शरद पूर्णिमा से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक होता है। पूरे माह ब्राह्मण या किसी जरूरतमंद को दान देने से पुण्य फल मिलता है। तुलसी दान, अन्नदान, आंवले के पौधे दान करने का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसा करने से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है
विज्ञापन

कार्तिक माह के त्योहार
24 अक्तूबर रविवार : करवा चौथ व करक गणेश चतुर्थी, रोहिणी व्रत,
28 अक्तूबर गुरुवार : अहोई अष्टमी व कालाष्टमी
01 नवंबर सोमवार : गोवत्स द्वादशी व रामा एकादशी
02 नवंबर मंगलवार : प्रदोष व्रत, भौम प्रदोष व्रत व धनतेरस
03 नवंबर बुधवार : नरक चतुर्दशी या काली चौदस व हनुमान जयंती
04 नवंबर गुरुवार : कार्तिक अमावस्या और दिवाली
05 नवंबर शुक्रवार : अन्नकूट व गोवर्धन पूजा
06 नवंबर शनिवार : भैया दूज व यम द्वितीय
08 नवंबर सोमवार : सोमवार व्रत व वरद चतुर्थी
09 नवंबर मंगलवार : लाभ पंचमी व सौभाग्य पंचमी
10 नवंबर बुधवार : छठ पूजा
11 नवंबर गुरुवार : दुर्गाष्टमी व्रत व गोपाष्टमी
12 नवंबर शुक्रवार : अक्षय नवमी
14 नवंबर रविवार : प्रबोधिनी एकादशी व्रत
15 नवंबर सोमवार : वैष्णव प्रबोधिनी एकादशी व तुलसी विवाह
16 नवंबर मंगलवार : भौम प्रदोष व्रत, प्रदोष व्रत व वृश्चिक संक्रांति
17 नवंबर बुधवार : बैकुंठ चतुर्दशी
18 नवंबर गुरुवार : भीष्म पंचक, पूर्णिमा व्रत व सत्यनारायण व्रत
19 नवंबर शुक्रवार : कार्तिक पूर्णिमा, पूर्णिमा, कार्तिक स्नान समाप्त व श्री गुरु नानक देव जयंती।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें