ट्विन सिटी समेत जिले में डेंगू के हालात इतने खराब हो गए हैं कि मरीजों का आंकड़ा 165 के पार चला गया है। अंबाला जिले की बात करें तो सरकारी रिकार्ड के मुताबिक 8 अक्टूबर तक जिले में 165 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। हालांकि यह आंकड़ा वास्तविकता से काफी कम है। उन मरीजों का स्वास्थ्य विभाग के पास कोई रिकार्ड नहीं है जो प्राइवेट अस्पताल में कार्ड से टेस्ट करवाकर इलाज करवा रहे हैं।
वार्ड भी पड़ गया छोटा, बढ़ाने पड़े बेड
अंबाला जिले में तीनों नागरिक अस्पतालों में केवल अंबाला शहर अस्पताल में ही डेंगू वार्ड बनाया है। यहां शुक्रवार तक 8 बिस्तर थे लेकिन शुक्रवार को काफी मरीज आ गए। हालात यह थे कि एक ही बेड पर दो-दो मरीज भर्ती करने पड़े। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने आनन-फानन में तीन बेड बढ़ा दिए। लेकिन संख्या इसी रफ्तार से बढ़ी तो 11 बेड और एक वार्ड से काम नहीं चलेगा।
दूसरा वार्ड बनाने में स्टाफ की कमी आ रही आड़े
जिला नागरिक अस्पताल में यदि दूसरा वार्ड बनाया जाता है तो एक शिफ्ट में कम से कम एक कर्मचारी की जरूरत पड़ती है। यानि तीन शिफ्ट में तीन कर्मचारी। लेकिन पहले ही नागरिक अस्पताल स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। इसीलिए दूसरा वार्ड बनाना संभव नहीं हो रहा।
दिसंबर तक रहेगा खतरा
दिसंबर तक अभी डेंगू का खतरा बरकरार रहेगा। क्योंकि जिस मौसम में डेंगू का मच्छर पनपने से रुकेगा वह दिसंबर में ही आएगा। बता दें कि अधिक ठंड और गर्मी में डेंगू नहीं पनपता। अक्टूबर और नवंबर में डेंगू के पनपने के लिए सर्वोत्तम महीने माने जाते हैं। ऐसे में अभी डेंगू अपने यौवन पर है। बता दें कि डेंगू से बचाव 15 डिग्री या इससे कम सुबह-रात का तापमान होने पर ही होता है जोकि दिसंबर में आने की उम्मीद है।
जिले में 165 डेंगू के मरीज हो चुके हैं। हम लगातार मॉनीटरिंग कर रहे हैं। आवश्यक कदम उठाते हुए दवा का छिड़काव व फोगिंग भी हमने करवाई है। लोगों से अनुरोध है कि वह अपने-आसपास पानी जमा न होने दें। पूरी बाजू के कपड़े डालें। घर में मच्छर मारने के लिए क्वाइल का प्रयोग करें।
डॉ. संजीव सिंगला, उप सिविल सर्जन डेंगू
वार्ड में बढ़ रहे मरीजों को देखते हुए तीन अतिरिक्त बेड की व्यवस्था हमने शुक्रवार को करवा दी है। इसके अलावा जो मरीज थोड़े सही हो जाएंगे उन्हें भी हम अब जल्द ही दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर रहे हैं ताकि डेंगू वार्ड में आने वाले मरीजों को कोई दिक्कतें न हो।
डॉ. अंकुश शर्मा।