जम्मूतवी से वाराणसी जाने वाले बेगमपुरा एक्सप्रेस में पैंट्री के नाम पर यात्रियों से अवैध वसूली हो रही है। अवैध पैंट्री कर्मी बन ठग यात्रियों को चूना लगा रहे हैं। आधे यात्रियों को खाने-पीने का सामान परोसने के बाद अवैध वेंडर लुधियाना स्टेशन पर लापता हो जाते हैं।
सूत्रों से जानकारी मिली है कि दिल्ली हेडक्वार्टर बड़ौदा हाउस में तैनात विभागीय अधिकारी के परिजनों से भी ठगों ने खाने के नाम पर 500 रुपये ले लिए, लेकिन जब लुधियाना तक खाना नहीं मिला तो उन्होंने मामले की जानकारी विभागीय अधिकारियों को दी। घटना गत शुक्रवार की बताई जा रही है। इस दौरान ट्रेन में सवार करीब 60 लोगों को चूना लगाया गया है। आरपीएफ ने ठगों की धरपकड़ शुरू कर दी है।
रेलवे लगातार यात्रियों को जानकारी दे रहा है कि किसी भी ट्रेन में पैंट्री की सुविधा नहीं है, यात्री घर से बना खाना या फिर स्टेशन पर स्टाल से खाना लें, लेकिन इसके बाद भी यात्री ठगों का शिकार बन रहे हैं। अब नया मामला ट्रेन नंबर 02238 में सामने आया है। कोरोना काल से पहले बेगमपुरा एक्सप्रेस में मिनी पैंट्री होती थी। 8 महीने बाद ट्रेन का दोबारा संचालन शुरू हुआ तो रेलवे ने किसी भी ट्रेन में पैंट्री कोच शुरू करने की सुविधा नहीं दी। ऐसे में कुछ पुराने कर्मचारियों ने यात्रियों को ठगने का नया रास्ता ढूंढ लिया। अब रेलवे अधिकारियों की आंखों में धूल-झोंकते हुए कुछ अवैध वेंडरों ने ट्रेन में ही मिनी पैंट्री चलाने का कार्य शुरू कर दिया है।
शहीद एक्सप्रेस में भी हुई थी ठगी
11 दिसंबर को अमृतसर से जयनगर जाने वाली ट्रेन नंबर 04674 शहीद एक्सप्रेस में भी ऐसा कारनामा हो गया था। एक ठग ने वर्दीधारी पैंट्री कर्मी बनकर डी-6 कोच में सफर कर रहे लगभग 40 यात्रियों से खाने के सामान देने के नाम पर हजारों रुपये ऐंठ लिए। कोच की सीट नंबर 90 पर सफर कर रहे चंबा निवासी सिद्धांत शर्मा ने मामला उजागर किया था। सिद्धांत ने बताया कि 11 दिसंबर को वह अमृतसर से अंबाला के लिए ट्रेन में सवार हुआ था। जालंधर रेलवे स्टेशन के पास कोच में एक वर्दीधारी पैंट्री कर्मी आया और उसने खाने का सामान मंगाने के नाम पर कॉपी में आर्डर लिखना शुरू कर दिया। एक-दूसरे की देखा-देखी लगभग 40 यात्रियों ने उसे रुपये दे दिए। किसी ने 50 रुपये तो किसी ने पूरे परिवार के खाने का आर्डर देकर 800 से 900 रुपये दिए, लेकिन फिर कोई खाना लेकर नहीं आया था।
जनशताब्दी में भी बेची 20 रुपये की बोतल
लगभग 3-4 दिन पहले ऊना हिमाचल-नई दिल्ली जनशताब्दी ट्रेन नंबर 02058 में भी मिनी पैंट्री में तैनात एक वेंडर ने 15 रुपये की बोतल 20 रुपये में दे दी। मामला वाणिज्य विभाग के उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो पूरी पैंट्री को पानीपत में ही उतार दिया गया। इसके बाद संबंधित ठेकेदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई।
करेंगे कार्रवाई
मामला फिरोजपुर डिवीजन का है। इसकी जानकारी संबंधित अधिकारी को दी जाएगी। अंबाला स्टेशन पर पूरी तरह से अवैध वेंडिंग बंद है। आरपीएफ लगातार अवैध वेंडरों पर शिकंजा कस रही है।
- गुरजसबीर सिंह वड़ैच, सह-सुरक्षा आयुक्त आरपीएफ।