अंबाला। बब्याल से चंदपुरा जाने वाले रास्ते पर टांगरी नदी के ऊपर बनाए गए पुल के नजदीक ही खनन शुरू हो गया। इससे पुल की नींव को खतरा हो सकता है। हैरानी की बात यह है कि इसकी जानकारी न तो प्रशासनिक अधिकारियों को है और न ही खनन विभाग को।
ग्रामीण बोले- सूचना के बाद आती है टीम, लेकिन पहले ही फरार हो जाते हैं ट्रैक्टर-ट्राली संचालक
ग्रामीणों का कहना है कि इसकी जानकारी कई बार पुलिस सहित खनन विभाग के अधिकारियों को दी गई। टीमें मौके पर भी आई, लेकिन इससे पहले ही खनन करने वाले लोग ट्रैक्टर-ट्रालियों सहित गायब हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि यह काम सुबह चार से आठ बजे के बीच होता है। 15 से 20 ट्रैक्टरों में रेत भरने का कार्य जेसीबी मशीन की मदद से किया जाता है। लगातार हो रहे खनन के कारण टांगरी का स्तर काफी गहरा हो गया है। लगातार रेत निकलने से पुल की दीवारों को भी खतरा होने लगा है।
बाढ़ के दौरान जब टांगरी का पानी लोगों के घरों में घुस गया था तो गृहमंत्री ने इस परेशानी के समाधान को लेकर खनन विभाग को निर्देश दिए थे कि चंदपुरा-बब्याल पुल से लेकर शाहपुर में अंबाला-दिल्ली रेलवे पुल तक टांगरी नदी की खुदाई करके इसे गहरा करें। साथ ही इसके आसपास तटबंध भी बनाएं, ताकि बाढ़ आने पर टांगरी का पानी लोगों के घरों में न घुसे। दो माह बीत जाने के बाद भी अभी तक टांगरी से खनन करने की अनुमति नहीं है। जबकि अवैध तौर पर यह कार्य धड़ल्ले से चल रहा है।
10 करोड़ से तैयार हुआ था पुल
प्रदेश के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के प्रयास से लोगों को यह सौगात मिली थी। यहां के लोगों की यह काफी पुरानी मांग थी। इससे पहले उन्हें एक से दूसरी जगह पर जाने के लिए नदी से होकर गुजरना पड़ता था। पुल का निर्माण बब्याल से चंदपुरा जाने वाले रास्ते पर टांगरी नदी पर बनाया गया। लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से पुल का निर्माण किया गया है। पुल का निर्माण कार्य 2020 में शुरू किया गया था। कोरोना की वजह से पुल को तैयार होने में समय लग गया। आमजन के लिए पुल की सुविधा दिसंबर 2021 में शुरु की गई थी।
लोगों की प्रतिक्रिया
रोजाना सैर के लिए बब्याल की तरफ जाता हूं। पिछले कुछ समय से देख रहा हूं कि यहां खनन हो रहा है। जब स्थानीय लोगों से बात की तो उन्होंने बताया कि यह अवैध रूप से चल रहा है। इससे पुल की नींव को खतरा हो रहा है, लेकिन कोई भी इसकी तरफ ध्यान नहीं दे रहा।
-सविंदर सिंह।
सरकार को टांगरी में खनन की इजाजत दे देनी चाहिए, ताकि यह गहरी हो जाए और लोगों को बाढ़ से राहत मिले। वहीं कुछ लोगों ने सरकार की इजाजत का इंतजार नहीं किया और खुद ही खनन शुरू कर दिया। पुल के नजदीक हो रहा खनन खतरनाक हो सकता है।
-चरणदीप सिंह।
अधिकारियों ने कहा- करेंगे सख्त कार्रवाई, टांगरी से नहीं है किसी को खनन करने की इजाजत
मामला संज्ञान में आया है। किसी को टांगरी में खनन की इजाजत नहीं है। अगर ऐसा हो रहा है तो इसकी जांच करवाई जाएगी। टीम को तैनाती के निर्देश दे दिए हैं। अवैध खनन करने वालों का बख्शा नहीं जाएगा।
-राजेश कुमार, खनन अधिकारी, अंबाला।