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Ambala News: बाढ़ ने बिगाड़ी गांव की तस्वीर, बच्चे पढ़ाई से हुए दूर

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सतनाम सिंह
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अंबाला सिटी। नग्गल क्षेत्र के खैरा गांव में बाढ़ के दो महीने बाद भी हालात सामान्य नहीं हुए हैं। आज भी हालात ऐसे बने हुए हैं कि दीवारों पर बाढ़ के पानी के निशान हैं और मकानों में दरारें आई हुई हैं। यही नहीं गांव में घुसते ही राजकीय उच्च विद्यालय, प्राथमिक स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र के हालात बुरे हैं।
स्कूल के तीन तरफ की चहारदीवारी गिरी हुई है। आंगनबाड़ी केंद्र का रिकॉर्ड दीवार पर खराब पड़ा हुआ है। बीते दिनों ग्रामीणों ने सरकार से मुआवजा की मांग करते हुए ऑनलाइन आवेदन भी पोर्टल पर किए थे और उपायुक्त कार्यालय पर भी गांव के लोग एकत्रित हुए थे, मगर अभी तक ग्रामीणों को मुआवजा नहीं मिला है। बाढ़ के दंश से आज भी लोग परेशान हैं। अभी भी उस तबाही को लोग भुला नहीं पा रहे हैं।
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राजकीय उच्च विद्यालय के कमरों का फर्श बैठ गया। स्कूल में बनाई गई कंप्यूटर लैंग्वेज लैब पानी से खराब हो गई। स्कूल का 80 प्रतिशत रिकॉर्ड खत्म हो गया और पांच हजार किताबें बाढ़ के पानी में भीग गई। स्कूल का फर्नीचर, डिजीटल बोर्ड भी खराब हो गए और स्कूल की मुख्य सड़क भी बाढ़ के पानी से बैठ गई। स्कूल मुख्याध्यापक श्याम सुंदर ने बताया कि जुलाई माह में विभाग को इस बारे में लिखा गया था। करीब एक करोड़ बजट की डिमांड की गई है। बजट आने पर स्कूल में रिपेयर वर्क करवाया जाएगा। वहीं, स्कूल में फर्श को ठीक करवाया गया है, ताकि पढ़ाई सुचारू रूप से चलती रहे। इसी तरह राजकीय प्राथमिक स्कूल के ड्यूल डेस्क भी खराब हो गए। संवाद
महिला जसविंद्र कौर ने बताया कि बाढ़ से उनके मकान में दरारें आई गई। उन्होंने मुआवजा के लिए फार्म भी भरे थे, मगर अभी तक मुआवजा नहीं आया है। बाढ़ के पानी में उनके सूअर भी बह गए और घर का फर्श भी बैठ गया है।
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महिला नैब कौर ने बताया कि बाढ़ से मकानों में सीलन आ गई है। फर्श भी बैठ गए हैं और दीवारों में दरारें भी आ गई है। अभी तक भी बाढ़ की तबाई को लोग भूला नहीं पा रहे हैं। सरकार को जल्द मुआवजा देना चाहिए।
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