फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मैं विभाग का मंत्री हूं,जो ड्रा हो चुका, वहां अब दुबारा ड्रा नहीं होगा : विज

विज्ञापन
I am the minister of the department, which has been drawn, there will be no draw again: Vij - फोटो : Ambala
विज्ञापन
अंबाला। अनिल विज बोले मैं विभाग का मंत्री हूं, जो ड्रा हो चुका, वह दोबारा ड्रा नहीं होगा। दरअसल, हरियाणा में 22 जून को 45 नगर परिषदों व पालिकाओं की प्रधानगी के चुनाव से पहले ड्रा निकाला गया था, ताकि यह सुनिश्चित हो कि कौन सी सीट सामान्य होगी और कौन सी आरक्षित।
विज्ञापन

इस ड्रॉ के बाद चुनावी तैयारियां शुरू हो चुकी थी। इसी बीच पिछले दिनों एक नया पेंच फंसने के साथ यह घोषणा कर दी गई थी कि यह ड्रा दोबारा होगा। इसके लिए 22 सितंबर की तारीख घोषित कर दी गई थी। किन्हीं कारणों से ड्रा टल गया। इसके बाद यह माना जा रहा था कि कभी भी ड्रा हो सकता था। संबंधित मंत्रालय के मंत्री अनिल विज ने शनिवार को बातचीत में यह साफ कर दिया है कि अब ड्रा नहीं होगा। विज के इस उत्तर से यह तस्वीर एक दम साफ हो रही है कि अब दोबारा से 45 नगर परिषदों और पालिकाओं का ड्रा नहीं होगा। लाजिमी रूप से यह खबर उन जनप्रतिनिधियों के लिए राहत देने वाली होगी, जिनके समीकरण 22 जून के ड्रा में एकदम फिट बैठते हैं, जबकि पुराने ड्रा के रद्द होने और नए ड्रा में मनमाफिक नतीजे आने की प्रतीक्षा कर रहे प्रधान पद का चुनाव लड़ने और लड़ाने के इच्छुक नेताओं के लिए बेचैनी पैदा करने वाली है। इस बड़ा कारण यह है कि जिस अंदाज में मंत्री अनिल विज ने कहा कि मैं विभाग का मंत्री हूं, जो ड्रा हो चुका, वही स्थिति कायम रहेगी।
22 जून के ड्रा में यह बनी थी तस्वीर
उल्लेखनीय है कि तीन महीने पहले हुआआरक्षण रद्द कर दिया गया था। निकाय विभाग ने दोबारा ड्रा करने के लिए 22 सितंबर की तारीख तय की थी। 22 जून को निकाले गए ड्रा में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 9 सीटों में से तीन महिलाओं के लिए आरक्षित हुई थीं। वहीं पिछड़ा वर्ग की 4 सीटों में से दो सीटे महिला वर्ग के लिए आरक्षित थीं, जबकि सामान्य वर्ग की 10 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित थी। असमंजस की स्थिति तब पैदा हुई जब पिछले दिनों सरकार ने इसे रद कर दिया था।
विज्ञापन

नए ड्रा के लिए इन जिलों के डीसी को जारी हुए थे पत्र
हरियाणा शहरी निकाय निदेशालय के कार्यालय में 22 सितंबर को दोपहर साढ़े 12 बजे यह ड्रा की तारीख और समय सुनिश्चित किया था। इसके लिए अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, कैथल, जींद, रोहतक, चरखी दादरी, हिसार, फतेहाबाद, गुरुग्राम, झज्जर, पलवल, सिरसा, सोनीपत, अंबाला, महेंद्रगढ़, नूंह, रेवाड़ी और भिवानी के उपायुक्तों को पत्र भेजे गए थे। प्रदेश में पहली बार नगर पालिकाओं और नगर परिषदों के अध्यक्षों का चुनाव सीधे मतदाता करेंगे। फिलहाल एसडीएम ही प्रशासक के रूप में पालिकाओं और परिषदों का काम देख रहे हैं।
आपत्ति इसलिए भी थी...
विपक्ष का मानना है कि वार्डबंदी का कार्य पूरा हुए बिना ही तीन माह पहले आनन-फानन में ड्रा निकाल कर यह घोषित कर दिया गया था कि कौन सी परिषद और पालिका सामान्य या आरक्षित होगी। इन्हीं आरोप प्रत्यारोप के बीच विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रहे एसएन राय ने इस ड्रा पर आपत्ति जताई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें