रेल बजट में कालका-शिमला रेल खंड पर चलाने का था प्रस्ताव, 2024-25 में फंड को लेकर भी हुई थी चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
अबाला। विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलमार्ग पर हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन का सपना 2022-23 में तैयार किया गया था जोकि चार साल बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो पाया। शुरुआती दौर में तैयार की गई योजना अब ठंडे बस्ते में हैं और इस योजना से जुड़ी फाइलें रेल मुख्यालय में धूल फांक रही हैं। ऐसे में पर्यावरण संरक्षित रेल खंड पर हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।
केंद्र सरकार ने 2024-25 के बजट में उत्तरी रेलवे के हेरिटेज इंफ्रास्ट्रक्चर पर हाइड्रोजन ट्रेन को शामिल किया था और इसके लिए फंड के निर्धारण का भी फैसला किया था। लेकिन फंड न मिलने के कारण यह योजना आगामी पड़ाव को पार नहीं कर पाई और फाइलों तक ही सिमटकर रह गई। इस योजना में विभागीय अधिकारियों की ढीली कार्यशैली भी मुख्य कारण रही।
तीन स्टेशनों पर बनाए जाने थे ईंधन स्टेशन
कालका-शिमला रेलवे खंड पर हाइड्रोजन ट्रेन चलाने के लिए कालका के अलावा शिमला और बड़ोग स्टेशनों पर हाइड्रोजन ईंधन स्टेशन स्थापित किए जाने थे ताकि इन तीन स्टेशनों पर पानी से हाइड्रोजन निकालकर ईंधन में बदलने के प्लांट लगाए जा सकें क्योंकि हाइड्रोजन को प्रदूषण रहित स्वच्छ ईंधन माना जाता है। हाइड्रोजन ईंधन के इस्तेमाल से हानिकारक गैसों का शून्य उत्सर्जन होता है और सिर्फ जल वाष्प निकलते हैं, जो हरित आवरण में स्वच्छ और पर्यावरण के लिए अनुकूल माने जाते हैं। इस सुविधा के तहत रेल खंड का सर्वे भी किया गया था। मौजूदा समय में इस रेल खंड पर डीजल इंजन से ही ट्रेनों का संचालन हो रहा है।
अभी इस योजना को लेकर कोई भी कार्य नहीं चल रहा है। लगभग चार पहले यह योजना बनी थी। अगर इसमें कुछ अपडेट होगा तो जानकारी दे दी जाएगी।
- एनके झा, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल