रेलवे स्टेशनों पर कार्य करने वाले वेंडरों का मेडिकल बनाने के नाम पर खेल हो रहा है। इस खेल में रेलवे अस्पताल के कर्मचारी शामिल हैं जोकि बिना जांच-पड़ताल के मेडिकल बनवा रहे हैं और इसके लिए मनमाने ढंग से सुविधा शुल्क वसूल रहे हैं। ऐसे ही एक मामले का खुलासा रेलवे को किए ट्वीट से हुआ। इसमें रेलवे अस्पताल का संदीप नामक कर्मचारी वेंडर से पैसे लेते हुए नजर आ रहा है।
अटेंडेंट को निलंबित करते हुए जांच के आदेश
बाकायदा सबूत के तौर पर मामले से जुड़ा वीडियो भी जीएम रेलवे को ट्वीट किया। मामला जैसे ही अंबाला मंडल के रेल प्रबंधक (डीआरएम) मंदीप सिंह भाटिया के संज्ञान में आया तो उन्होंने अटेंडेंट को निलंबित करते हुए जांच के आदेश दिए।
शिकायतकर्ता ने रेलवे को किया था ट्वीट
वीडियो 28 मार्च को वायरल हुआ था। आगामी कार्रवाई के लिए रेलवे अस्पताल के इंचार्ज को जिम्मेदारी दी है। इंचार्ज ने वीडियो में नजर आ रहे वेंडर से लिखित में शिकायत ले ली है। वहीं, वेंडर ने बताया कि उसने मेडिकल बनवाने के लिए 600 रुपये उक्त अटेंडेंट को दिए थे। वह पिछले काफी समय से यह काम कर रहा था। वहीं, यह भी जानकारी मिली है कि रेलवे अस्पताल के जिस कर्मी संदीप पर यह आरोप लगे हैं, वो पहले अंबाला कैंट स्टेशन पर प्वाइंट्स मैन के तौर पर तैनात था। मेडिकल में अनफिट होने के बाद उसे रेलवे अस्पताल में अटेंडेंट के तौर पर तैनात किया गया था।
रेलवे अधिकारी के अनुसार
रेलवे अस्पताल का एक कर्मी वेंडर से पैसे ले रहा था। वीडियो के माध्यम से इसकी जानकारी मिली थी। प्राथमिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए कर्मी को तुंरत प्रभाव से निलंबित कर दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अगर शिकायत सही पाई गई तो कर्मी को नौकरी से निष्कासित कर दिया जाएगा। इससे पहले भी अंबाला मंडल के एक टीटीई को महिला यात्री पर शौच करने पर नौकरी से हटा दिया था।
--मंदीप सिंह भाटिया, डीआरएम अंबाला।