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हरियाणा: कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष पर जमीन कब्जाने का आरोप, गृहमंत्री विज ने दिए जांच के निर्देश

Sun, 08 May 2022 03:17 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)

सार

जमीन कब्जाने के आरोप के मामले में गृहमंत्री अनिल विज ने पलवल डीसी को जांच के निर्देश दिए हैं। विज के जनता दरबार में पलवल के एक फरियादी ने शिकायत दी। वहीं प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने आरोप सिरे से खारिज किए हैं।
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अंबाला छावनी रेस्ट हाउस में लोगों की समस्या सुनते गृहमंत्री अनिल विज। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष व पलवल के पूर्व विधायक उदयभान पर जमीन कब्जा कर अपने नजदीकियों के नाम करवाने का आरोप लगा है। गृहमंत्री अनिल विज के जनता दरबार में एक फरियादी ने प्रदेशाध्यक्ष पर पलवल में करीब 200 एकड़ शामलात भूमि को कब्जाने संबंधी शिकायत दी है। शिकायत में आरोप है कि कब्जा करने के बाद उन्होंने जमीन अपने नजदीकियों के नाम करवा दी। मामले में गृहमंत्री विज ने पलवल डीसी को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं, जबकि प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

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दरअसल, पलवल निवासी जीवन लाल ने बताया कि गांव में शामलात देह भूमि का कुल रकबा 3123 कनाल है। जो 1963-64 की चकबंदी स्कीम के अनुसार 1759-18 कनाल गोचरान , 84 कनाल पंचायत फार्म, 92 कनाल सरेआम, 1123 कनाल जुमना दरिया व बाकी जमीन अन्य श्रेणी में बंटी हुई है।

वर्ष 2006-07 में इस शामलात देह भूमि में से लगभग 200 एकड़ जमीन राजस्व विभाग की मिलीभगत से पूर्व कांग्रेसी विधायक उदयभान ने अपने निजी व्यक्तियों के नाम रजिस्टरी करवा ली थी। उनके नाम दाखिल खारज इंतकाल चढ़ा दिया था।
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उल्लेखनीय है कि शनिवार को अंबाला छावनी के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाऊस में गृहमंत्री अनिल विज का जनता दरबार लगा हुआ था। इसी दरबार में पलवल से आए व्यक्ति ने उक्त शिकायत विज को सौंपी थी। विज के निर्देशाें पर पलवल के डीसी अब इस मामले की जांच करेंगे। 

प्रदेशाध्यक्ष बनते ही मुझे बदनाम करने की साजिश शुरू : उदयभान
इस आरोप के संदर्भ में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने कहा कि मैं ईमानदारी की राजनीति करता हूं। यह मुझे बदनाम करने की कोशिश है। वर्ष 2014 से लेकर अब तक इस बारे में कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं। विजिलेंस और लोकायुक्त की भी जांच हो चुकी है मगर उसमें भी कुछ नहीं निकला। अब जब मैं प्रदेशाध्यक्ष बना हूं तो यह मेरी छवि का धूमिल करने का प्रयास है। शिकायतकर्ता यह तो बताए कि संबंधित जमीन कहां पर है। उन्होंने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

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