हरियाणा के अंबाला में धनौरा-बिंजलपुर गांव के पास पकड़ी जहरीली शराब फैक्टरी के मामले में अभी भी मास्टरमाइंड उगाला निवासी अंकित उर्फ मोगली पुलिस गिरफ्त से बाहर है। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही परतें खुलेंगी। पुलिस छापामारी कर रही है। पुलिस अंबाला में पकड़ी जहरीली शराब फैक्टरी को यमुनानगर में हुई मौतों के मामले से भी जोड़कर देख रही है।
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि करीब एक माह पहले ही धनौरा-बिंजलपुर अवैध फैक्टरी की नींव रखी थी। बता दें कि बुधवार देररात को यमुनानगर में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में बाद इसका खुलासा हुआ था। पुलिस ने दबिश देकर इस अवैध शराब की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया था। इतना ही नहीं फैक्टरी में काम करने वाले दो कर्मचारियों की भी इस शराब के सेवन करने पर मौत हो गई थी। इनकी पहचान मुजफ्फरनगर के शिवम उर्फ लोकेश और उसके दोस्त दीपक सिंह के रूप में हुई थी।
दो सौ पेटियों से फैला नेटवर्क
अभी यमुनानगर और अंबाला में ही जहरीली शराब से मौत के मामले आए है। पुलिस जांच में सामने आया है कि धनौरा में पकड़ी फैक्टरी में ताजा माल्टा और बैच नंबर 16 नवंबर 21 की करीब 200 पेटियां बनकर सप्लाई होने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस यह शराब कहां-कहां गई, वहां तक भी पहुंचने का प्रयास कर रही है। ऐसे में अवैध शराब बनाने वाले गिरोह के तार हरियाणा के अलावा पंजाब से भी जुड़ने की आशंका जताई जा रही है। ऐसा इसलिए है कि अंबाला की सीमा से ही पंजाब बॉर्डर भी सटा हुआ है। फिर भी मामले की गंभीरता से जांच चल रही है।
हाल ही में जेल से छूटा था अंकित
अवैध शराब फैक्टरी के मामले में अभी अंकित उर्फ मोगली मास्टर माइंड के सामने आया है। अंकित पर पहले भी चार-पांच मामले एनडीपीएस एक्ट के मामले शामिल हैं। जबकि कुछ समय पहले ही अंकित जेल से बेल पर छूटकर आया था। जबकि इस मामले में भी बताया जा रहा है कि अंकित को ही इस शराब को बनाने का भेद था। इसके अलावा फैक्टरी में काम करने वाले जिन मुजफ्फरनगर निवासी युवकों की मौत हुई है वह भी उसके संपर्क में थे। उसने ही उन्हें काम पर रखा था। इस मामले में बराड़ा थाने में अंकित पर मामला दर्ज हो गया है। इसके अलावा मुलाना थाने में भी अवैध शराब फैक्टरी मामले में उत्तम, पुनीत, कपिल पंडित, अंकित उर्फ मोगली सहित अन्य पर मामला दर्ज है।
नशे से जुड़े मामले में अंकित पहले से ही पुलिस रेडार पर था। इसकी संपत्ति की भी जांच चल रही थी। यह 20-25 दिन पहले ही नशे के एक मामले में जमानत पर छूटा था। जेल से निकलते ही इसने अवैध शराब की फैक्टरी लगाने का काम किया। इस मामले में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। टीम पूरी मुस्तैदी बरत रही है।
-जश्नदीप सिंह रंधावा, एसपी, अंबाला।