जेल से निकने के बाद सुरेंद्र पंवार ने अंबाला में गुरुद्वारे में माथा टेका। इसके साथ ही वे माता वैष्णों देवी के लिए रवाना हो गए। ईडी ने तीन महीने पहले मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में उन्हें पकड़ा था।
पंजाब- हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देशों पर बुधवार को सोनीपत से कांग्रेसी प्रत्याशी और निवर्तमान विधायक सुरेंद्र पंवार तीन महीने बाद अंबाला सेंट्रल जेल से बाहर आ गए। उनके जेल से बाहर आने पर परिजनों और कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है।
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बाहर आते ही सुरेंद्र पंवार ने कहा कि यह मामला और कुछ नहीं सिर्फ भाजपा की साजिश थी लेकिन उन्हें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास था। इसलिए अब वह रिहा हो गए हैं। भाजपा पूरे देश में कांग्रेसी नेताओं को साजिश के तहत झूठे मामले दर्ज करवा रही है। सुरेंद्र पंवार जेल से रिहा होते ही माता वैष्णों देवी दरबार के लिए निकल गए। उन्होंने अंबाला में गुरुद्वारे में भी माथा टेका।
यह था मामला
कांग्रेस विधायक सुरेंद्र पंवार को 20 जुलाई को ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया गया था। ईडी के आरोप थे कि सुरेंद्र पंवार ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करोड़ों रुपये का घोटाला किया है। ईडी ने सुरेंद्र पंवार को अंबाला जिला कोर्ट में पेश किया था। जहां से रिमांड के बाद उन्हें अंबाला सेंट्रल जेल में भेज दिया गया था। दो दिन पहले ही हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ ईडी के मामले को खारिज किया था। बुधवार को उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया था।