शहर के पुलिस डीएवी पब्लिक स्कूल में कला एवं सांस्कृतिक विषयों पर चर्चा का आयोजन किया गया। स्कूल
अंबाला सिटी। पुलिस डीएवी पब्लिक स्कूल में कला एवं सांस्कृतिक विषयों पर चर्चा का आयोजन किया गया। यह आयोजन कलाकार समाज एवं पुलिस डीएवी पब्लिक स्कूल के सौजन्य से संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। इस मौके पर मुख्यातिथि डॉ. तेजिंद्र सिंह ने कहा कि कला में गति तभी आएगी, जब गीत, संगीत, नृत्य में समय अनुसार प्रयोग होंगे, बशर्ते उनके आधार में छेड़छाड़ न की जाए। अध्यक्ष के रूप में डॉ. विकास कोहली ने कहा कि लोक संस्कृति हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग है। तीज, त्योहार, कृषि व विवाह के अवसरों पर लोक परांपरिक रस्मों को मनाया जाता था, जो धीरे-धीरे समाप्ति की ओर है। विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रोफेसर सतीश पराशर ने कहा कि अगर समयानुसार प्रयोग नहीं होने पर कला बूढ़ी हो जाएगी। भविष्य में ऐसे कार्यक्रम निरंतर होते रहने चाहिए।
वार्ताकार के रूप में डॉ. प्रदीप स्नेही ने कहा कि आधुनिक संदर्भ में गुरु शिष्य संबंधों की सार्थकता, डॉ. स्वरित शर्मा ने युवा उत्सवों में लोक गायन का बदलता स्वरूप, दिनेश रहेजा की ओर से संगीत में पारंपरिक लोक वाद्यों की भूमिका, वजिंद्र शर्मा ने नाटक परंपराओं में सामाजिक चेतना का महत्व व बुधराम की ओर से लोक नृत्यों का बदलता स्वरूप और उनका भविष्य के बारे में चर्चा की। इस अवसर पर कला साधक बलजीत सिंह, प्रवीन राठी, बिट्टू महंत, अमरीक सिंह, अरविंद सूरी, जसदीप सिंह बेदी, राजू उप्पल, कौशल, मनप्रीत, सुधा भसीन, मनमोहन आदि मौजूद रहे।