अंबाला सिटी में मंगलवार की देररात पुलिस हिरासत से रिहा होने के बाद भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के नेताओं ने बुधवार को सरकार और प्रशासन पर हमला बोला। बुधवार सुबह बलाना गांव गुरुद्वारा साहिब में किसानों की बैठक बुलाई गई। इसमें किसानों ने मांगें पूरी न होने तक शहर की नई अनाज मंडी में सांकेतिक धरना शुरू करने का फैसला लिया।
वहीं, गुरुवार को किसान नेताओं की चंडीगढ़ में हरियाणा सरकार के साथ होने वाली बैठक में मांगों को रखा जाएगा। इनमें पंजाब, राजस्थान के किसानों को रिहा करने, पंजाब में जिस किसान की मृत्यु हुई है, उसे मुआवजा व शहर में जिस युवा किसान की टांग कटी है, उसके उपचार का खर्च व मुआवजा शामिल है।
बैठक का नेतृत्व भाकियू शहीद भगत सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरजीत सिंह मोहड़ी ने किया। अमरजीत ने कहा कि मंगलवार को हरियाणा-पंजाब में किसानों पर प्रशासन ने लाठीचार्ज नहीं किया, बल्कि विधायक और सांसदों ने लाठीचार्ज करवाया है। उनके साथ वादाखिलाफी की गई। किसानों को जबरन ट्रैक्टर से उतारा गया। उनके घरों में पुलिस ने छापामारी की।
गांवों में भाजपा और जजपा नेताओं का प्रवेश करेंगे बंद
भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के नेता जय सिंह जलबेड़ा ने कहा कि भाजपा व जजपा के नेताओं को गांवों में घुसने नहीं दिया जाएगा। इसको लेकर नई अनाज मंडी धरना स्थल पर रणनीति बनाएंगे कि कैसे इनकी एंट्री बंद करनी है। उन्होंने कहा कि अगर नेताओं को गांवों में आना है तो वह अपने साथ 2014 व 2019 का चुनावी घोषणा पत्र लेकर आएं और उनकी मांगों का समाधान करवाएं। उन्होंने कहा कि वीरवार 24 अगस्त को चंडीगढ़ में सरकार से बातचीत होगी, अगर मांगों का समाधान होता है तो ठीक है, नहीं तो संयुक्त मोर्चा जो भी फैसला लेगा, आगे वैसे रणनीति बनाई जाएगी।
अब धरने में महिलाएं भी आएंगी
किसान नेताओं ने बैठक में ऐलान किया कि अब धरने में किसानों के साथ महिलाएं भी आकर प्रदर्शन करेंगी। यह धरना दिन-रात चलेगा। अभी सांकेतिक रूप से धरना लगाया गया है। धरने को लेकर आगामी फैसला बैठक के बाद लिया जाएगा। बैठक में जिला प्रधान गुरमीत सिंह माजरी, बलजिंद्र सिंह चुड़ियाला समेत अन्य नेता व किसान मौजूद रहे।