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Ambala: किसानों ने नई अनाज मंडी में धरना लगाया, गुरुवार को हरियाणा सरकार से होगी बैठक, फिर लिया जाएगा फैसला

Wed, 23 Aug 2023 02:50 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)

सार

किसानों की 24 अगस्त को हरियाणा सरकार के साथ चंड़ीगढ़ में उनकी बैठक है। पंजाब में उनके एक साथी किसान की मौत हो गई और अंबाला शहर में भी मंगलवार को एक युवा किसान की टांग कट गई है। इसको लेकर भी सरकार से बातचीत की जाएगी।
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किसानों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अंबाला सिटी के गांव बलाना गुरुद्वारा साहिब में भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के नेतृत्व में किसानों की बैठक हुई। बैठक का नेतृत्व भाकियू शहीद भगत सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरजीत सिंह मोहड़ी ने किया। अमरजीत सिंह मोहड़ी ने बैठक से ऐलान किया कि जब तक उनके साथ जुड़े संगठनों के सभी साथी नहीं छोड़े जाते और उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तब तक उनका प्रदर्शन दिन रात नई अनाज मंडी अंबाला शहर में जारी रहेगा।

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सरकार से बैठक के बाद लिया जाएगा फैसला
वीरवार 24 अगस्त को हरियाणा सरकार के साथ चंड़ीगढ़ में उनकी बैठक है। पंजाब में उनके एक साथी किसान की मौत हो गई और अंबाला शहर में भी मंगलवार को एक युवा किसान की टांग कट गई है। इसको लेकर भी सरकार से बातचीत की जाएगी। इसके साथ अन्य कई मांगें हैं। अगर सरकार ने मांगे नहीं मानी तो उनका प्रदर्शन दिन रात नई अनाज मंडी में जारी रहेगा और 16 संगठन उसके बाद फैसला लेंगे।

किसान नेता के अनुसार
मोहड़ी ने कहा कि किसान गांवों में भाजपा और जजपा नेताओं की एंट्री भी बैन करेंगे। इन पार्टी के नेताओं को गांवों में घुसने नहीं दिया जाएगा। इसको लेकर नई अनाज मंडी धरना स्थल पर रणनीति बनाएंगे कि कैसे इनकी एंट्री बैन करनी हैं। किसानों के साथ-साथ अब महिलाएं भी धरना स्थल पर प्रदर्शन में शामिल होंगी। मोहड़ी ने कहा कि मंगलवार को हरियाणा-पंजाब में किसानों पर प्रशासन ने लाठीचार्ज नहीं किया, बल्कि विधायक और सांसदों ने लाठीचार्ज करवाया है। उनके साथ वायदा खिलाफी की। किसानों को जबरन ट्रैक्टर से उतारा गया।
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गौरतलब है कि किसानों ने चंड़ीगढ़ कूच को लेकर मंगलवार को प्रदर्शन किया था। प्रशासन ने बेरिकेट्स लगाकर कई जगहों पर नाके लगाए थे। प्रशासन की कई दौर की वार्ता भी विफल रही थी। देर रात तक किसानों ने अंबाला-हिसार बाइपास पर प्रदर्शन किया। देर रात हिरासत में लिए गए किसानों के नेता छोड़े गए। इसके बाद बुधवार सुबह किसानों ने गुरुद्वारा साहिब बलाना में बैठक की।

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