अंबाला। असली टीटीई की मौजूदगी में नकली टीटीई रसीद काटकर ट्रेन नंबर 02312 कालका-हावड़ा एक्सप्रेस में यात्रियों से पैसों की उगाही करता रहा। ट्रेन के छावनी पहुंचने पर यात्रियों ने शक के आधार पर जब इसकी सूचना आरपीएफ को दी तो जांच में सच्चाई सामने आ गई। लेकिन इस दौरान पकड़े गए नकली टीटीई के चार साथी फरार हो गए, जिन्हें पकड़ने के लिए अब जीआरपी दबिश दे रही है।
पकड़े गए नकली टीटीई की पहचान 23 वर्षीय पंकज कुमार, गांव गोछनी जिला रोहतास, थाना सासाराम बिहार के तौर पर हुई। आरोपी के पास से नकली रसीद कापी और 5800 रुपये बरामद किए गए हैं। आरोपी के खिलाफ छावनी जीआरपी थाने में धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। दूसरी तरफ रेलवे ने भी इस मामले को लेकर सभी टीटीई को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
यह था मामला
23 अगस्त की रात लगभग 2 बजे ट्रेन नंबर 02312 प्लेटफार्म नंबर 3 पर आई। इस दौरान आरपीएफ एसआई कविता व एएसआई दान सिंह गश्त कर रहे थे। कोच संख्या डी-3 से कुछ यात्री नीचे उतरकर आए और बताया कि कुछ व्यक्ति टीटीई की वर्दी में हैं जोकि चंडीगढ़ स्टेशन से ट्रेन में चढ़े हैं। उन्होंने यात्रियों से पैसे लेकर ईएफटी यानी रेल रसीद बनाई है जो कि फर्जी लग रही है।
सूचना पर आरपीएफ स्टाफ ने स्टेशन पर तैनात वरिष्ठ टीटीई संजय कुमार की मदद से कोच को चैक किया तो एक व्यक्ति टीटीई की वर्दी में था। पूछताछ के लिए उसे ट्रेन से नीचे उतारकर ट्रेन में ऑन ड्यूटी सीटीआई शौकत अली व राजेश कुमार हेड क्वार्टर दिल्ली से पूछताछ की तो ट्रेन ऑन ड्यूटी चेकिंग स्टाफ ने पकड़े गए टीटीई को अपना स्टाफ नहीं बताया। पूछताछ करने पर आरोपी से दो आईडी कार्ड भी बरामद हुए। इस पर भारत सरकार रेल मंत्रालय रेलवे बोर्ड उत्तरी रेलवे अहमदाबाद मंडल सहित पूरी जानकारी दर्ज थी। मौके पर ही 5800 रुपये की 10 ईएफटी कटी हुई पर्चियां भी बरामद हुई जोकि जाली थी।
बोला 3 दिन पहले शुरू किया काम
प्राथमिक पूछताछ में आरोपी पंकज ने बताया कि उसने 3 दिन पहले ही ट्रेन में चेकिंग शुरू की थी। इसमें गिरोह के चार अन्य साथी भी शामिल हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि इस पूरी कार्रवाई के पीछे एक पूरा नेटवर्क कार्य कर रहा है जो भोले-भाले युवकों को अपने जाल में फंसाकर ट्रेनों में टीटीई के तौर पर चढ़ा रहे हैं। जांच के दौरान पंकज के पर्स से एक अन्य व्यक्ति का आधार कार्ड, एक डेबिट कार्ड, तीन हजार रुपये नकद व एक पुराना मोबाइल बरामद हुआ।
24 कोच की ट्रेन में तैनात थे तीन टीटीई
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि ट्रेन में दिल्ली हेडक्वार्टर के तीन टीटीई तैनात थे। इसमें सीटीआई शौकत अली, राजेश कुमार व एक अन्य कर्मचारी शामिल था, लेकिन तीनों की मौजूदगी में 5 नकली टीटीई ट्रेन में 45 किलोमीटर का सफर कर टिकट जांच करते रहे और छावनी जंक्शन तक पहुंच गए। अगर यात्रियों को शक न होता तो यह दिल्ली या फिर उससे आगे भी जांच कर हजारों रुपये की उगाही कर लेते।
देर रात चलने वाली ट्रेनों में करते हैं उगाही
रेलवे अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार ऐसे नकली टीटीई देर रात चलने वाली ट्रेनों में यात्रियों से उगाही करते हैं क्योंकि इस दौरान अधिकांश यात्री व स्टाफ आराम कर रहा होता है। रात 12 बजे से सुबह 4 बजे तक ऐसा गिरोह सक्रिय रहता है और ट्रेनों में टिकट चेकिंग के नाम पर अवैध उगाही करता है।
जीआरपी कर रही जांच
मामला संज्ञान में आया था। सभी टीटीई को सतर्क रहने के आदेश दिए गए हैं कि ऐसे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत आरपीफ व सुरक्षा स्टाफ को दें। जांच के दौरान अगर किसी भी विभागीय कर्मचारी का नाम सामने आएगा तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-हरी मोहन, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।
दबिश जारी, लेंगे रिमांड
आरोपी द्वारा बताए गए मोबाइल नंबरों की लोकेशन के आधार पर टीम छापामारी कर रही है। टीम आरोपी को लेकर पहले चंडीगढ़, फिर पंचकूला और बद्दी गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लगातार प्रयास जारी हैं। पकड़े गए आरोपी को आज कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जाएगा ताकि पूरे गिरोह की जानकारी हासिल की जा सके।
-विलायती राम, प्रभारी जीआरपी थाना।