नारायणगढ़। कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष के चुनाव के लिए उपमंडल पहुंचे सीडब्ल्यूसी के ऑब्जर्वर विजय इंदर सिंगला के सामने कांग्रेस की गुटबाजी खुलकर नजर आई। एक जगह कार्यक्रम होने के बावजूद हुड्डा और शैलजा गुट के नेता और समर्थक अलग-अलग दिखे।
ऑब्जर्वर ने कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोली। जिलाध्यक्ष पद के कई दावेदारों ने फार्म भरकर ऑब्जर्वर को दिए हैं। संगठन सर्जन अभियान के तहत पूर्व केंद्रीय मंत्री और संगरूर के पूर्व सांसद विजय इंदर सिंगला नारायणगढ़ पहुंचे। कार्यक्रम का आयोजन एक पैलेस में किया गया था।
विधायक ने विरोधियों पर साधा निशाना
विधायक शैली चौधरी ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग चुनाव के समय विरोध करते हैं, उन्हें पार्टी से दूर रखा जाए। अभी संघर्ष के चार साल बाकी हैं। उन्होंने नारायणगढ़ से पार्टी को जिताने के लिए काम किया है, उन्हें ही मौका मिलना चाहिए। कार्यक्रम में सिर्फ विधायक शैली चौधरी और उनके पति रामकिशन अपने समर्थकों के साथ थे। दूसरी तरफ पूर्व सूचना आयुक्त अशोक मेहता भी अपने समर्थकों के साथ कार्यक्रम में पहुंचे। मेहता का कहना है कि विधायक की तरफ से उन्हें कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया था।
नारायणगढ़ में मजबूत रही कांग्रेस
कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रामकिशन ने कहा कि प्रदेश में संगठन ना होने के परिणाम भुगतने पड़े हैं। जबकि नारायणगढ़ में कांग्रेस मजबूत रही। उन्होंने कहा कि नारायणगढ़ में 1972 के बाद 2005 में कांग्रेस जीती थी। इसके बाद मोदी लहर में वह 2014 का चुनाव हार गए थे। लेकिन 2019 और 2024 से लगातार कांग्रेस का विधायक है।
काम करने वालों को मिलेगी जिम्मेदारी
विजय इंदर सिंगला ने कहा कि जिला, मंडल और गांव की कमेटी का गठन होगा, जो लोग पार्टी के लिए काम करना चाहते हैं, उन सभी को जिम्मेदारी दी जाएगी। अगर खानापूर्ति करनी होती तो अंबाला में बैठकर कर सकता था। लेकिन मकसद अच्छे लोगों को सामने लाना है जो पार्टी के लिए संघर्ष कर सकें।