- दोस्त की पत्नी का इलाज कराने के बहाने झांसे में लेकर खाते में डलवाए रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। बादशाही बाग निवासी बुजुर्ग दंपती साइबर ठगों के जाल में फंस गए। विदेश से पैसा भेजने, बॉम्बे फॉरेन एक्सचेंज में रकम अटके होने और दोस्त की बीमार पत्नी के इलाज के नाम पर ठगों ने 2,50,000 रुपये ठग लिए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में बादशाही बाग निवासी करनैल सिंह ने बताया कि 16 जुलाई को उनकी पत्नी दलजीत कौर के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को प्रेम नगर, सिटी निवासी हन्नी बताया और करनैल सिंह का व्हाट्सएप नंबर ले लिया। इसके बाद आरोपी ने झांसा दिया कि वह विदेश से भारत पैसा भेज रहा है। थोड़ी देर बाद आरोपी ने पीड़ित की पत्नी के पंजाब नेशनल बैंक (जलबेड़ा शाखा) के खाते में 26.15 लाख रुपये ट्रांसफर करने का फर्जी स्क्रीन शॉट व्हाट्सएप पर भेज दिया।
स्क्रीन शॉट भेजने के बाद आरोपी ने कहा कि बॉम्बे फॉरेन एक्सचेंज से फोन आएगा। इसके कुछ ही देर बाद पीड़ित के पास व्हाट्सएप कॉल आई। इसमें फोन करने वाले ने खुद को पंजाब नेशनल बैंक एक्सचेंज शाखा (बॉम्बे) का अधिकारी अशोक वर्मा बताया। उसने कहा कि फॉरेन एक्सचेंज से 26.15 लाख रुपये की रकम भारतीय मुद्रा में ट्रांसफर की जा रही है और इसके साथ एक मेडिकल सर्टिफिकेट लगा हुआ है।
एफडी तुड़वाकर खाते में कराए ट्रांसफर
इसके बाद मुख्य आरोपी ने दोबारा फोन कर कहा कि उसके अमेरिका वाले दोस्त की पत्नी बेहद बीमार है और दिल्ली के अस्पताल में भर्ती है। आरोपी ने कहा, किसी की जिंदगी बचाना बहुत दुआ का काम है, मैं आपको पिता समान समझता हूं। आरोपी के झांसे में आकर पीड़ित करनैल सिंह बैंक गए और अपनी 2.5 लाख रुपये की एफडी तुड़वा दी। इसके बाद आरोपी द्वारा दिए गए एक्सिस बैंक के खाता नंबर में आरटीजीएस के जरिए 2.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
और रुपये मांगने पर हुआ ठगी का शक
अगले दिन 17 जुलाई को तथाकथित बैंक अधिकारी अशोक वर्मा का फिर फोन आया कि मेडिकल बिल लगे होने के कारण उसने यह फाइल क्लियर कर दी है और शाम तक खाते में पैसे दिख जाएंगे। इसके तुरंत बाद मुख्य ठग ने फोन कर पीड़ित से 3.5 लाख रुपये और मांगे। जब पीड़ित ने इतनी रकम असमर्थता जताई, तो आरोपी रकम कम करते-करते 50 हजार रुपये पर आ गया। संदेह होने पर करनैल सिंह ने फॉरेन एक्सचेंज और बैंक शाखा में जाकर पूछताछ की, तो पता चला कि अशोक वर्मा नाम का कोई कर्मचारी वहां काम ही नहीं करता। जब पीड़ित ने आरोपी के नंबर पर दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, तो फोन नहीं उठा। जांच अधिकारी सोमदत्त ने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर धोखाधड़ी और विश्वासघात की धारा 316(2) व 318(4) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के आधार पर साइबर सेल की मदद से ठगों का सुराग लगाया जा रहा है।