बीएससी कंप्यूटर साइंस करने के इच्छुक विद्यार्थी इस बार इस कोर्स में दाखिला नहीं ले सकेंगे। क्योंकि उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा ने प्रदेश के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और सेल्फ फाइनेंस कालेजों से बीएससी कंप्यूटर साइंस को बीएससी नॉन मेडिकल सब्जेक्ट में ही मर्ज कर दिया है। अलबत्ता अब बीएससी नॉन मेडिकल सब्जेक्ट में ही यह दोनों विषय कवर होंगे। ऐसा पहली बार हुआ है जब विभाग ने दोनों विषयों को मर्ज करने के बाद एक ही विषय बना दिया हो।
तो कहां जाएंगे बीएससी कंप्यूटर साइंस करने वाले होनहार
यदि आप बीएसई नॉन मेडिकल नहीं करना चाहते। आप केवल बीएसई कंप्यूटर साइंस ही करना चाहते हैं तो भी घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि ऐसे विद्यार्थियों के विकल्प सरकार ने बंद नहीं किए हैं। ऐसे विद्यार्थी बीएससी नॉन मेडिकल विषय का विकल्प अपने आनलाइन आवेदन में भरेंगे। इसके बाद सब्जेक्ट का चयन करते हुए विषय कंबीनेशन में कंप्यूटर साइंस सब्जेक्ट का चयन करना न भूलें। ऐसा करते ही आप बीएससी कंप्यूटर साइंस में सम्मिलित हो जाएंगे। इसी तरह यदि आप बीएसई नॉन मेडिकल करना चाहते हैं तो आपको बीएसई नॉन मेडिकल का विकल्प चुनने के बाद उसमें सब्जेक्ट कंबीनेशन केमिस्ट्री भरना होगा।
बीएससी को बनाया सिंगल स्ट्रीम
दरअसल अब सरकार ने बीएससी को सिंगल स्ट्रीम बना दिया है और इसी के भीतर अलग-अलग कंबीनेशन दिए गए हैं। इसी तरह इनकी सीटें मर्ज कर दी गई हैं। गवर्नमेंट पीजी कालेज अंबाला छावनी में पहले जहां बीएससी कंप्यूटर और नॉन मेडिकल की 60-60 सीटें थी उन्हें मर्ज करके अब बीएससी नॉन मेडिकल में ही 120 कर दिया गया है। फर्क बस इतना पड़ा है कि अब रिजर्वेशन पॉलिसी 60 की बजाए 120 सीटों पर लागू होगी।
आपत्ति दूर नहीं की तो मेरिट लिस्ट में नहीं आएगा नाम
कोरोना के चलते हायर एजूकेशन विभाग ने इस बार आधिकारिक तौर पर किसी भी कालेज को कालेज के भीतर हेल्थ डेस्क स्थापित करने की हिदायतें नहीं दी हैं। हालांकि विभाग ने अपने स्तर पर 15 सदस्यीय हेल्थ डेस्क की स्थापना की है। लोकल स्तर पर व्यवस्था नहीं होने के कारण आनलाइन आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ना तय है।
ऐसे विद्यार्थी इस बात को जरूर ध्यान रखें कि आप जिस मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी को अपने आवेदन फार्म में रजिस्टर्ड कर रहे हैं वह आपके पास ही होना चाहिए। क्योंकि फार्म में जो भी आपत्ति होंगे वह मोबाइल नंबर और ईमेल पर बताया जाएगा। बताई गई आपत्ति को यदि निर्धारित समय में दूर नहीं किया गया तो आपका फार्म रिजेक्ट समझा जाएगा और मेरिट लिस्ट में नाम नहीं आएगा। इसकी बाद में कोई सुनवाई नहीं होगी।
इस बार विभाग ने हिदायतें जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि बीएससी कंप्यूटर साइंस नहीं बल्कि बीएससी नॉन मेडिकल कोर्स ही चलाया जाएगा। लेकिन इसके बावजूद बीएससी कंप्यूटर साइंस करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए चिंता की बात नहीं है क्योंकि बीएससी नॉन मेडिकल विषय में सब्जेक्ट कंबीनेशन में विकल्प दिया गया है। बीएससी कंप्यूटर साइंस लेने के इच्छुक विद्यार्थी अपने विषय का चयन करते हुए बीएससी नॉन मेडिकल में कंप्यूटर विषय जरूर भरें।
- डॉ. कमेलश, एक्टिंग प्रिंसिपल, गवर्नमेंट पीजी कालेज छावनी।