अंबाला। नगर परिषद सदर की 63 दुकानों के लिए खुली बोली शुरूआती चरण में ही अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गई। सुबह 11 बजे शुरू होने वाली बोली के लिए दुकानदार 9 बजे ही नप कार्यालय में पहुंच गए थे। लेकिन बोली की प्रक्रिया करीब साढ़े तीन घंटे देरी से दोपहर 2 बजकर 20 मिनट पर शुरू हुई। इस दौरान एक दुकान की गलत बोली पर हंगामा भी हुआ। इस प्रक्रिया के चलते कई बार अव्यवस्थाओं को लेकर दुकानदारों व अधिकारियों के बीच बहस भी हुई, लेकिन होमगार्ड के जवानों सहित अन्यों ने दुकानदारों को समझाते हुए मामला शांत करवा दिया।
दोपहर 4 बजकर 30 मिनट तक चली इस बोली प्रक्रिया में केवल अंबाला-जगाधरी हाईवे स्थित दएसडी विद्या स्कूल के सामने व बस स्टैंड के पास 38 दुकानों की ही बोली हो सकी। जिसमें से केवल 17 दुकानों के लिए ही लोगों ने दिलचस्पी दिखाई और 21 दुकानों को किसी ने नहीं लिया। आखिरकार 46 दुकानों की बोली को अगले आदेशों तक टाल दिया गया। यह बोली प्रक्रिया नगर परिषद ईओ रविंद्र सिंह, सचिव राजेश कुमार, बिल्डिंग इंस्पेक्टर रमेश कुमार, नगर निगम अंबाला शहर के अकाउंटेंट अजय कुमार की मौजूदगी में संपन्न हुई।
बोली की शुरूआत में ही दुकानदार बिफरे
बोली की शुरूआत में नगर परिषद के अधिकारी ही नियमों में उलझ गए। अंबाला-जगाधरी हाईवे स्थित दुकानों में से 18 नंबर दुकान के लिए बोली शुरू हुई तो परिषद अधिकारियों ने एक हजार रुपये से बोली की शुरूआत करने को कहा। ऐसे में दुकानदार बिफर गए और बोले कि सौ रुपये से बोली शुरू होगी। इसके बाद बोलीदाताओं को बुलाने व उनके टोकन नंबर सहित जानकारी लेने को लेकर दुकानदार व अधिकारी आपस में उलझ गए। ऐसे में ईओ रविंद्र सिंह ने मामला शांत करवाते हुए दुकानदारों के अनुसार व्यवस्था बनाते हुए मामला शांत करवाया। दुकानदारों का कहना था कि खुली बोली के लिए पहले तैयारी करनी चाहिए थी, तभी व्यवस्था बनती।
14 नंबर दुकान 30 हजार रुपये किराये पर रामपाल, 16 नंबर 25,500 रुपये में निखिल, 17 नंबर 29,900 रुपये में रविंद्र, 18 नंबर दुकान 29,500 रुपये में रविंद्र मदान, 19 नंबर दुकान 30 हजार रुपये किराये पर नवीन जैन, 20 नंबर दुकान 34,500 रुपये किराये पर अभिनव, 21 नंबर दुकान 35 हजार रुपये में जसपाल, 22 नंबर दुकान 29,500 रुपये में जसबीर, 23 नंबर दुकान 24,500 रुपये में सुरेंद्र कुमार, 24 नंबर सीढ़ियों के साथ वाली दुकान 24,500 रुपये में मनोज को अलॉट हुई। इसमें केवल 18 नंबर दुकान पर ही निर्माण हो रखा था और उससे केवल 2 साल का एडवांस किराया लिया जाएगा। बाकि 9 दुकानों की जगह पर दुकान बनाने का खर्च दुकानदार का खुद वहन करना होगा। 2 साल का एडवांस किराया जमा करवाना होगा।
28 दुकानों में से केवल 7 के लिए मिले किरायेदार
इस दौरान बस स्टैंड के निकट 28 दुकानों के लिए बोली हुई। इनमें से केवल 7 दुकानों को किराये पर लेने के लिए लोगों ने दिलचस्पी दिखाई। ग्राउंड फ्लोर की पांच दुकानों में केवल एक दुकान को किराये पर लेने के लिए दुकानदार ने हामी भरी। 13, 14, 15, 16 को किसी ने नहीं लिया। 18 नंबर दुकान 6500 रुपये किराये पर विपिन कुमार ने ली। जबकि पहली मंजिल पर बनी 23 दुकानों में केवल 6 दुकानों के लिए ही किरायेदार सामने आए। इनमें से 24 नंबर दुकान प्रदीप कुमार को 15,100 रुपये, 25 नंबर दुकान इशांत कुमार को 6 हजार, 26 नंबर दुकान इशान, 44 नंबर दुकान 5300 रुपये में विजय, 45 नंबर दुकान 10 हजार रुपये में विजय कुमार, 46 नंबर दुकान 15,100 रुपये में तेजपाल को अलॉट हुई।
दुकानदारों ने रोया दुखड़ा
बोली की शुरूआत में ही द एसडी विद्या स्कूल के सामने मार्केट वाले पुराने दुकानदारों ने ईओ के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। उनका कहना था कि दुकानों की अलॉटमेंट के दौरान मार्केट के बीच एक शौचालय बनाने की बात कही थी, जो अभी तक पूरी नहीं हुई। कई बार मार्केट में मरम्मत कार्य काम करवाने के लिए बोला गया है बावजूद इसके कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में ईओ ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
63 दुकानों में से केवल 38 दुकानों की ही बोली लग पाई है। उसमें से भी 17 दुकानें ही किराये पर चढ़ पाई हैं। बाकी दुकानों के लिए अगले आदेशों तक बोली को स्थगित कर दिया गया है। बोली के लिए सभी दुकानदारों तक सूचना पहुंचा दी जाएगी। फिश मार्केट व बीसी बाजार की 2 दुकानों के अलावा जो 21 दुकानों के लिए कोई किरायेदार सामने नहीं आया। उन्हें अगली बोली में शामिल किया जाएगा।
- रविंद्र सिंह, ईओ, नगर परिषद
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