अंबाला सिटी। श्री गुरुद्वारा मरदों साहिब में चल रहे दो दिवसीय समागम समारोह का मंगलवार को समापन हुआ। गुरुद्वारा साहिब में सुबह करीब नौ बजे सिख संगतों की लंबी कतारें लग गई। संगत ने वाहेगुरु वाहेगुरु का नाम जपा। दूरदराज के क्षेत्रों से पहुंची सिख संगतों ने गुरुद्वारा साहिब में सजे दीवान पर मत्था टेका और गुरुओं की सुंदर वाणी व कथा का आनंद उठाया।
इस मौके पर गुरुद्वारा श्री मरदों साहिब के मैनेजर त्रितपाल सिंह ने बताया कि समागम समारोह के अतिंम दिन पंजाब से पहुंचे ढाढी जत्थों ने गुरुओं की कथा का व्याख्यान किया। वहीं समागम समारोह में अमृत संचार का भी आयोजन किया गया। इसमें करीब 23 सिखों ने अमृत छका। इस अमृत संचार की सेवा सहज पाठ सेवा सोसाइटी श्री अमृतसर दरबार की ओर से की गई। सिख संगतों ने अमृत छककर गुरुओं के बताए गए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
समागम में गुरमेल सिंह ढाढी जत्था श्री मरदों साहिब, जगदीश सिंह बढ़ाला पंजाब, दिलबाग सिंह कवीशरी जत्था अमृतसर से पहुंचा था। सभी सिख जत्थों ने संगतों को निहाल किया। मंगलवार को सुबह नौ बजे गुरुद्वारा साहिब में दीवान सजाया गया। यहां हरियाणा, हिमाचल व पंजाब आदि राज्यों से संगत गुरुद्वारा साहिब पहुंची। वहीं अमरजीत मोहड़ी, बलजिन्द्र चुड़ियाला, जयसिंह जलबेड़ा, बलजिन्द्र सिंह कांबोज, सुरजीत सिंह भानोखेड़ी, तेजवीर सिंह पंजोखरा साहिब से किसान नेता भी गुरुद्वारा साहिब पहुंचे। शाम करीब चार बजे दीवान की समाप्ति की गई। समागम में ढाढी दरबार के साथ-साथ श्री अमृतसर दरबार साहिब से हैड ग्रंथी बाबा जगतार सिंह ने संगतों को गुरुओं की विभिन्न कथाओं के माध्यम से प्रेरित किया। समागम के अंतिम दिन हजारों की संख्या में संगतों ने मत्था टेका। इस मौके पर गुरुद्वारा श्री मरदों साहिब के प्रबंधक कमेटी के प्रधान जरनेल सिंह, उपप्रधान हरप्रीत सिंह मोहड़ी, सदस्य बलकार सिंह, गेरमेल सिंह, हरकेश सिंह, रघुजीत सिंह आदि ने बताया कि इस समागम से पूर्व सभी सिख संगत अपनी-अपनी सेवाएं निभा रही थी।
श्री मरदोंसाहिब गुरूद्वारा में आयोजित समागम समारोह में संगतों को गुरूओं की कथा सुनाते बाबा जगता- फोटो : Ambala
श्री मरदोंसाहिब गुरूद्वारा में आयोजित समागम समारोह में सेवादारों को सिरोपा भेंटकर सम्मानित कर?- फोटो : Ambala