अंबाला सिटी। अधिवक्ता गोपाल कृष्ण गुप्ता बनाम डॉ. श्वेता वोहरा एवं अन्य के मामले में अदालत का कड़ा रुख दिखा है। जेएमआईसी पवनदीप कौर की अदालत ने इलाज में कथित लापरवाही के कारण हुई मृत्यु के मामले में मेडिकल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं, जिससे रिकॉर्ड के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ न हो सके।
यह आदेश अदालत ने विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों और तकनीकी विभागों को दिए हैं। वहीं इस मामले में अदालत ने पाया कि कई महत्वपूर्ण गवाह समन मिलने के बावजूद पेश नहीं हुए, इनमें ग्रीसियन सुपर स्पेशलिटी अस्पताल (मोहाली) के लैब असिस्टेंट, नेशनल हेल्थ अथॉरिटी ऑफ इंडिया (नई दिल्ली) के बिलिंग इंचार्ज और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (अंबाला) के कार्यालय के प्रतिनिधि शामिल हैं। अदालत ने इन सभी के खिलाफ 5000-5000 रुपये के जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिए हैं। ब्यूरो