Deadlock over the timetable of 7 new buses, the operators appealed to the Home Minister
- फोटो : Ambala
अंबाला। स्टेज कैरिज स्कीम 2016 के तहत चलने वाली 7 नई बसों को लेकर पेंच फंस गया है। समय सारिणी को लेकर सहकारी समिति ने रोडवेज के साथ मिलकर पक्षपात के आरोप लगाए हैं। संचालकों ने बताया कि इन बसों की हर महीने की 4 लाख रुपये की किस्त जा रही है। ऐसे में बिना चलाए खर्चा कैसे निकलेगा। इस बारे में परेशान संचालकों ने एक लिखित शिकायत स्वास्थ्य एवं गृहमंत्री अनिल विज को सौंप कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
द अंबाला सहकारी परिवहन समिति पदाधिकारी रामनाथ राणा, सुरिंदर राजू शर्मा, ओमप्रकाश, धर्मपाल, महेश गुप्ता व राजेश ने बताया कि उनकी एकता ट्रांसपोर्ट को आरटीए द्वारा 1 अप्रैल को कई रूट पर चलने के लिए दस्तावेज जारी किए थे। इसके तहत उन्होंने 7 सीएनजी बसें तैयार करवा ली। इनमें 2 बसों के परमिट शहर से से नारायणगढ़, 2 बसों के परमिट शहर से पिपली, 2 बसें शहर से लाडवा,1 बस का परमिट शहर से सढौरा के लिए हैं। इन बसों के सभी कागजात पहले ही तैयार करवा लिए हैं। एकता ट्रांसपोर्ट ने 1 जुलाई को सातों बसों की आरसी बनवा ली थी और जुलाई महीने का यात्री कर लगभग 84 हजार रुपये यानी प्रति एक बस का कर 12 हजार रुपये महीने का जमा करवा दिया था। 8 जुलाई को सातों बसों को परमिट भी दे दिए गए। नियमानुसार मोटर व्हीकल एक्ट 1988 के अनुसार स्टेज कैरिज स्कीम के परमिट के साथ अस्थायी समय सारिणी दी जाती है लेकिन आरटीए ने उन्हें समय सारिणी नहीं दी।
17 जुलाई को रोडवेज ओर सभी बस ऑपरेटरों की मीटिंग में भी विचार-विमर्श हुआ। लेकिन आरटीए द्वारा अंबाला रोडवेज के दबाब में आकर उनके विरुद्ध समय सारिणी जारी की जा रही रही है। इससे उनकी बसों को आर्थिक नुकसान होगा। पदाधिकारियों ने कहा कि आरटीए बिना उनके विचार सुने नई समय सारिणी जारी न करे।
नई चलने वाली बसों की समय सारिणी आपसी सहमति से तैयार की जाती है। इसमें रोडवेज अधिकारी भी मौजूद होते हैं ताकि समय को लेकर कोई भी गतिरोध न रहे। अभी आरटीए सचिव ट्रेनिंग पर हैं। उनके आने के बाद ही आगामी कार्रवाई होगी।
-बृज भूषण, सह सचिव आरटीए।