अंबाला सिटी। डेयरी संचालकों ने उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने चारा, भूसा आदि पर लगने वाले टैक्स को हटाने और पशुओें को देने वाले खाद्य पदार्थों की कीमतों में कटौती करने की मांग की है। पशु पालकों ने उपायुक्त विक्रम सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। इसमें डेयरी संचालकों ने कहा है कि उन्हें तूड़ी पहले 400 से 500 रुपये प्रति क्विंटल मिलती थी जो अब 1000 से 1100 रुपये तक पहुंच गई है।
इसके अलावा चोकर के कट्टे की कीमत बढ़ाकर उसमें मात्रा कम कर दी गई। ऐसी ही स्थिति पशुओं को देने वाले अन्य खाद्य पदार्थों की है। वहीं हरे चारे पर भी टैक्स लगाया जा रहा। इस कारण हरा चारा काफी महंगा हो गया है। इससे सीधे तौर पर पशुपालकों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने मांग की है कि इन टैक्स को खत्म किया जाए। साथ ही पशुपालकों ने चारे पर सब्सिडी देने की भी मांग की। डेयरी संचालकों ने कहा कि लगातार महंगे होते खाद्य पदार्थों के कारण अधिकतर डेयरी संचालक कर्जे में डूबे हुए हैं, इसलिए सरकार को डेयरी संचालकों की मदद के लिए राहत पैकेज का एलान करना चाहिए।
खतौली और कांवला में गंदगी का मुद्दा भी उठाया
इस दौरान खतौली और कांवला स्थित डेयरी कांप्लेक्स के संचालकों ने उपायुक्त के समक्ष वहां पानी की निकासी की समस्या रखी। साथ ही बताया कि वहां पर नाला निर्माण के लिए निगम द्वारा टेंडर प्रक्रिया का कार्य किया गया था, परंतु अभी तक वहां पर काम शुरू नहीं हुआ है। इसके अलावा डेयरी कांप्लेक्स में सफाई के लिए 6 कर्मचारियों के दिए जाने का वादा किया गया था, परंतु अभी तक एक भी कर्मचारी नहीं आ रहा है। इस कारण क्षेत्र में गाद जमा हो गई जो डेयरी संचालकों और वहां रहने वाले लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। उपायुक्त ने उनकी इस समस्या के समाधान करने का आश्वासन दिया है।