जिले भर में बैसाखी पर्व को लेकर कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इस दौरान लोगों ने विभिन्न माध्यमों और कार्यक्रमों में भाग लेकर इस दिवस को मनाया। कई जगहों पर भंडारे का आयोजन हुआ तो गुरुद्वारों में विशेष रूप से समागम हुए। गुरुद्वारा साहिब में संगत ने माथा टेकते हुए गुरुओं का आशीर्वाद प्राप्त किया।
अंबाला। पंजाबी गुरुद्वारा साहिब में खालसा साजना दिवस पर समागम आयोजित हुआ। जिसमें अखंड पाठ साहिब के भोग डाले गए। उसके उपरांत रागी जत्थों ने कीर्तन कर संगत को निहाल किया। श्री सुखमणि साहिब के पाठ स्त्री सत्संग द्वारा किए गए। हजूरी रागी जुझार सिंह ने कीर्तन व कथा विचारों द्वारा खालसा साजना दिवस की संगतो को बधाई दी। इस मौके पर भाई मुख्तियार सिंह, गुरुद्वारा प्रधान बीएस बिंद्रा, महासचिव हरविंद्र सिंह नीटू, सरदार कुलवंत सिंह, अमरप्रीत राजू, राजेंद्र सिंह राजा, सर्वजीत सिंह लहोरी, हरसिमरन सिंह अमरीक सिंह आदि मौजूद रहे।
अंबाला। श्री महाकाल सेवा मंडल अंबाला द्वारा नेता जी सुभाष चंद्र बोस पार्क के पास बैसाखी के पर्व पर भंडारा लगाया गया। जिसमें महाकाल को भंडारे का भोग लगवाने के बाद समाज सेवी तिलक राज तनेजा व उनके पोते ने शुरुआत की। मंडल प्रधान अतुल अग्रवाल सहित विकास सैनी, निपुण शर्मा, ओम सागर, मंजीत कौर, मनीष शारदा, मनीष धीमान, राजकुमार, बलजिंद्र सिंह, सचिन, सोहेल आनंद, सतनाम सिंह, अभिषेक ठाकुर गुडकिरपाल जास्सल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
अंबाला। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा केसरी व सेवा ट्रस्ट यूके (भारत) द्वारा गांव केसरी में बैसाखी का पर्व हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया। सरदार गुरमीत सिंह सचिव गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा केसरी ने बताया कि इस दिन 10वें सिख गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह ने 1699 में खालसा पंथ की नींव रखी थी। ट्रस्ट के चेयरमैन नरेश मित्तल ने बताया कि बैसाखी का पर्व नए साल की शुरुआत का प्रतीक है। लोगों को डाबर के रियल जूस का अटूट लंगर वितरित किए गए। इस मौके पर प्रधान जसपाल सिंह, भरपूर सिंह, गुरमीत सिंह सचिव, हरदीप सिंह कोषाध्यक्ष, संजय सिंह, गुरप्रीत सिंह, जसविंद्र सिंह, निर्मल सिंह, भूपिंद्र सिंह, सेवा ट्रस्ट की तरफ से पवन पराशर, स्टेट ई-लर्निंग समन्वयक, सुमीत, रमेश भगत, यशप्रीत, मनिंद्र और जसतार केसरी मौजूद रहे।
अंबाला। अमोलक पब्लिक स्कूल में बैसाखी पर रंगारंग कार्यक्रम हुए। छोटे बच्चों ने अपने कैटवॉक के माध्यम से पंजाबी वेशभूषा को धारण करके पंजाबी सभ्यता को दर्शाया। कक्षा दसवीं के छात्र व छात्राओं ने अपने भांगड़ा के द्वारा कार्यक्रम की शोभा को चार चांद लगा दिया। 10वीं की छात्रा समीक्षा ने बताया कि बैसाखी का त्योहार क्यों मनाया जाता है। इस मौके पर प्रिंसिपल ईला मलिक, सोनिया वाही आदि मौजूद रहे।