बर्ड फ्लू के बीच अंबाला के मुलाना में एक कौवे की मौत हो गई, जबकि दूसरा संदिग्ध हालत में टीम को मिला है। इस कौवे के चार सैंपल टीम ने भरकर जांच के लिए भेज दिए हैं। इसकी रिपोर्ट करीब तनी दिन में आ जाएगी। पक्षियों के स्वास्थ्य की जांच में जुटी पशुपालन विभाग की टीम को शनिवार को मुलाना में संदिग्ध कौवा मिला। यह कौवा उड़ने में असमर्थ था। इसीलिए विभाग की टीम ने इस कौवे को अपने संरक्षण में लिया है। प्रारंभिक जांच में विभाग की टीम ने पाया है कि कौवा ठंड के चलते उड़ नहीं पा रहा था। इसके अलावा मुलाना में शिवमंदिर के पास ही एक कौवा मरा हुआ मिला था, जिसे ग्रामीणों ने खुद दफना दिया था। इसीलिए इसके सैंपल टीम नहीं कर पाई। कौवा मृत मिलने के बाद मुलाना में अलर्ट कर दिया गया है। लोगों से टीम ने आह्वान करते हुए कहा है कि यदि किसी कौवे या अन्य पक्षी की मौत होती है तो उन्हें जरूर आगाह करें।
उधर, दूसरी और लालपुर में छह माह पहले जिस घोड़े के सैंपल लिए गए थे वह ग्लैंडर्स संक्रमित मिला है। इस बूढ़े घोड़े की मौत दीपावली के नजदीक हुई थी, लेकिन राहत की बात यह है कि उसके बाद से अब तक अंबाला में ऐसा कोई केस नहीं आया। बता दें कि ग्लैंडर्स भी वायरस जनित बीमारी है और इस बीमारी से पीड़ित घोड़े को मार दिया जाता है, ताकि आगे से बीमारी को फैलने से रोक जा सके।
दूसरी तरफ एक दिन पहले अंबाला शहर के जलबेहड़ा एरिया से लिए गए 40 पक्षियों और मुर्गियों के सैंपल जांच के लिए शनिवार को जालंधर लैब में भेज दिए गए। हालांकि अभी जांच रिपोर्ट के लिए कम से कम करीब दो माह का इंतजार करना पड़ेगा। पशुपालन विभाग की टीम ने मंगलवार को माजारी में पोल्ट्री फार्म की भी जांच की। हालांकि यहां सब कुछ व्यवस्थित पाया गया। इसलिए विभाग की टीम ने यहां से कोई भी सैंपलिंग नहीं की।
बता दें कि बर्ड फ्लू की आशंकाओं को देखते हुए जिले में 26 टीमों को गठन किया गया है। यह टीमें नारायणगढ़, शहजादपुर सहित अन्य एरिया में सक्रिय हैं और सबसे ज्यादा ध्यान टीमों का इस समय पक्षियों की ओर है। राहत भरी बात यह है कि अभी तक जिले में कोई भी पक्षी मृत नहीं पाया गया है।
मरने वाला घोड़ा ग्लैंडर्स पॉजिटिव पाया गया है। छह महीने पहले उसके सैंपल लिए गए थे। दीपावली के नजदीक उसकी मौत हो गई थी। उसके बाद से अब तक कोई केस ऐसा नहीं आया है। जहां तक कौवे की बात है तो एक की मौत की पुष्टि हुई है। उसे ग्रामीणों ने दबा दिया था। दूसरा ऐसा लग रहा है कि ठंड के कारण नहीं उड़ पा रहा। फिर भी एहतियात के तौर पर हम कौवे के सैंपल ले लिए गए हैं।
- डॉ. देवेंद्र ढुल, सहायक पोल्ट्री डेवेलमेंट अधिकारी