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बारिश से फसलें खराब, भरपाई के लिए गिरदावरी कराए सरकार

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पिछले कई दिनों से हो रही बारिश ने अब किसानों की धड़कने तेज कर दी हैं। बीते 30 घंटों से हो रही बरसात ने किसानों की फसलों को तबाही की कगार पर पहुंचा दिया है। इस वक्त सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं की फसलों को हो रहा है। इसके अलावा सब्जी व पशुओं के चारे की फसलें भी बरसाती पानी में डूब जाने के कारण खराब हो चुकी हैं। किसान बारिश रुकने के इंतजार में हैं। रविवार को भी पूरे दिन रुक-रुक कर हुई बारिश के से मौसम में ठंडक पैदा कर दी है। ठंड के कारण ज्यादातर लोग अपने घरों में ही दुबके रहे।
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वहीं नुकसान झेलने वाले किसानों ने मुआवजे के लिए स्पेशल गिरदावरी की मांग की है। जिले के बटरोहन, नकटपुर, नन्यौला, चौड़मस्तपुर, इस्माइलपुर, भड़ी, बलाना, सुल्लर, नग्गल, मटहेड़ी जट्टान व मटहेड़ी शेखां समेत कई गांवों में गेहूं की फसलों को भारी नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। बटरोहन गांव के पूर्व सरपंच गोल्डी ने बताया कि सर्दी के मौसम में भारी मात्रा में हो रही बारिश पहले कभी नहीं देखी। इस बार तमाम रिकॉर्ड टूट चुके हैं। किसानों की गेहूं की फसलें तबाही की कगार पर हैं। पूरी फसल पानी में डूबी हुई है। ऐसे में प्रशासन को तुरंत प्रभाव से किसानों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए स्पेशल गिरदावरी के लिए टीमें गठित करनी चाहिए। ताकि किसानों को हुए नुकसान की कुछ भरपाई हो सके।
पूरा दिन निकालते रहे पानी
वहीं किसान गुरंजट सिंह, हरनाम सिंह व मनजीत सिंह ने बताया कि कड़ाके की ठंड के बावजूद वह पूरे दिन खेतों से बरसाती पानी को निकालने की कोशिश करते रहे। मगर, लगातार हो रही बारिश के कारण खेतों से पानी नहीं निकल पाया। उनके खेतों में खड़ी सभी फसलें पूरी तरह से पानी में डूब चुकी हैं।
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पशुओं के लिए चारे का संकट
किसानों ने बताया कि मौसम साफ होने की वजह से कुछ दिन पहले ही फसलों में फुटाव आया था। अब पानी में डूब जाने की वजह से फसलों को नुकसान हो गया है। वहीं सब्जी व पशुओं के चारे की फसलें भी बर्बाद हो चुकी हैं। किसानों का कहना है कि आने वाले दिनों में सब्जियों के साथ-साथ पशुओं के लिए चारे का संकट भी खड़ा हो सकता है।
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