अंबाला के साहा के केसरी स्थित यूएचबीवीएन के पॉवर हाउस से एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने बुधवार को 20 हजार रुपये की रिश्वत के मामले में कॉमर्शियल असिस्टेंट (सीए) को रंगे हाथों पकड़ा। आरोप है कि सीए बिजली निगम की योजना का लाभ दिलाने के नाम पर 20 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था।
इसकी शिकायत बुधवार को शिकायतकर्ता ने एसीबी दफ्तर में की, जहां से तत्काल इंस्पेक्टर बिमला के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया और सीए को रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद वह आरोपी सीए को अपने साथ अंबाला ले आए जहां पर कागजी कार्यवाही कर पूछताछ की जा रही है।
दरअसल पंजैल गांव के निवासी शिकायतकर्ता रणजीत का एक लाख रुपये का बिजली का बिल लंबित था। इसके बाद इनका मीटर उतार लिया गया था। सरकार की एक योजना के तहत जिनके परिवार पहचान पत्र में आय एक लाख रुपये से कम है उनको सरकार बिजली के बिल में कुछ राशि भरवाकर बाकी की बिल माफ कर देती है।
इस कार्य को कॉमर्शियल असिस्टेंट (सीए) करता है। ऐसे में शिकायतकर्ता ने जब योजना का लाभ लेने के लिए विभाग के सीए से संपर्क किया तो इस काम के एवज में उसने 20 हजार रुपये की मांग की। इसके बाद शिकायतकर्ता ने मामले की शिकायत एसीबी को कर दी और एसीबी की टीम ने भी त्वरित फैसला लेते हुए जाल बिछाकर सीए को रंगे हाथों पकड़ लिया।