नारायणगढ़। उपायुक्त के आदेश पर बिना परमिशन के चल रहे स्क्रीनिंग प्लांटों पर खनन विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मियापुर और संघरानी में एसडीएम अदिति द्वारा सील करने के बाद छह प्लांट चल रहे थे, जिनके खिलाफ मामला दर्ज किया है। बता दें कि कई प्लांट मालिक नियमों को ताक में रखकर अवैध खनन से 40-40 फुट गड्ढे कर दिए हैं। यहां तक कि खनन माफियाओं ने टोका में बिजली की बड़ी लाइनों व पुलों के नीचे खनन कर डाला है।
खनन विभाग के जिला अधिकारी भूपेंद्र सिंह के अनुसार खनन विभाग की टीम, जिसमें खनन निरीक्षक बलराम सिंह, खनन रक्षक जय प्रकाश, दाता राम, दयाल सिंह व रोशन लाल ने गांव संघरानी में चल रहे तीन स्क्रीनिंग प्लांटों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संघरानी में यूनिट-1, यूनिट-2 व संगम स्क्रीनिंग प्लांट चलते हुए पाये गए। मौके पर संगरानी स्क्रीनिंग प्लांट यूनिट-1 व 2 पर अनुमानित 770 मीट्रिक टन खनिज, ग्रवेल, बोल्डर, बजरी व रेत का स्टॉक किया पाया गया। वहीं संगम स्क्रीनिंग प्लांट पर अनुमानित 560 मीट्रिक टन खनिज, ग्रवेल, बोल्डर, बजरी व रेत का स्टाक पाया गया। इन तीनों स्क्रीनिंग प्लांटों को पुलिस विभाग, खनन विभाग और उपमंडल अधिकारी नागरिक नारायणगढ़ की उपस्थिति में प्रदूषण विभाग द्वारा सील किया गया था, क्योंकि उपरोक्त तीनों प्लांटों के मालिकों द्वारा हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पंचकूला से स्क्रीनिग प्लांट स्थापित करने के लिए कोई अनापत्ति पत्र नहीं लिया गया है। इसी तरह गांव मियापुर में भी टीम ने निरीक्षण के दौरान नीलकंठ, बलजीत व डीएफ स्क्रीनिंग प्लांट अवैध रूप से चलते हुए पाए गए। हुडा चौकी इंचार्ज बलकार के अनुसार पुलिस ने खनन विभाग के अधिकारी भूपेंद्र सिंह की शिकायत पर स्क्रीनिंग प्लांटों के आरोपी मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
धड़ल्ले से चल रहा अवैध खनन का काम
गौरतलब है कि क्षेत्र के गांव संघरानी, मियापुर, राउमाजरा, टोका, चचीमजरा, शाहपुर, हमीदपुर, डेरा, छोटी रसौर, कोहडा में स्क्रीनिंग प्लांटों के मालिक धड़ल्ले से नियमों को ताक में रखकर नदी में अवैध खनन कर रहे हैं। एसडीएम अदिति ने पिछले साल दिसंबर में निरीक्षण के दौरान मियापुर, संघरानी, चचीमाजरा में भी इन प्लांटों पर कार्रवाई की थी, लेकिन टोका, शाहपुर, हमीदपुर, छोटी रसौर, डेरा, कालाआंब में बडे़ पैमाने पर मारकंडा, रूण, सुकडो, बेगना नदियों में अवैध खनन जारी है। यहां पर नदियों में 40-40 फुट के गड्ढे कर दिए गए हैं।