ग्रुप-डी का पेपर देने आए जींद के विकास से मारपीट कर छीनाझपटी में ऋषभ, सन्नी व आशीष को दस-दस साल की कैद काटनी होगी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कमल कांत ने तीनों को वीरवार दोषी करार देकर शुक्रवार को सजा पर फैसला सुरक्षित रखा था। जमानत पर चल रहे आरोपियों को दोषी करार देते ही तीनों को हिरासत में लेकर सेंट्रल जेल भेज दिया। वर्ष 2018 में छावनी सदर थाने में धारा 379-बी के तहत केस दर्ज है। मामले में 12 लोगों की गवाही हुई जिनमें पुलिस, शिकायतकर्ता, डॉक्टर व अन्य शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार सुबह अन्य बंदियों के साथ लाकर कोर्ट में बने बक्शी खाने में बंद किया गया। शाम करीब चार बजे सजा सुनाई गई। फैसले के अनुसार धारा 379-बी में तीनों को दस-दस साल की कैद और 25-25 हजार जुर्माना लगाया गया। जुर्माना न भरने पर एक-एक साल की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। केस में शामिल धारा 411 में भी तीन-तीन साल की कैद दी गई। दोनों सजा एक साथ चलेंगी।
यह है पूरा मामला
जींद का विकास ग्रुप डी मुलाना में होने वाली परीक्षा देने अंबाला आया था। 18 नवंबर की सुबह करीब चार बजे छावनी उतरा। मुलाना जाने के लिए स्वास्तिक चौक पर इंतजार कर रहा था। जिस आटो में बैठा, उसमें आटो चालक के अलावा तीन अन्य युवक सवार थे। करीब 100 मीटर आगे पहुंचने पर युवक एक-दूसरे को इशारे करने लगे। जब ऑटो गंदे नाले के पास पहुंचा तो उन्होंने उसे पीटना शुरू कर दिया। उसका पर्स छीन लिया। पर्स में वोटर आईडी, करीब 20 हजार, एटीएम कार्ड व अन्य दस्तावेज थे। जब युवक भागे तो विकास ने आटो का नंबर नोट कर लिया था। इसी आधार पर पुलिस ने दोषियों की पहचान कर उन्हें पकड़ा। कुछ समय तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद उन्हें जमानत मिल गई थी।