छावनी के पालम विहार निवासी मृतक के भाई मनोज कुमार व विशाल ने बताया कि उनका भाई कोरोना के लक्षणों के चलते 3 मई को अस्पताल में दाखिल हुआ था। टेस्ट में संक्रमित निकलने पर उसे अस्पताल की दूसरी मंजिल पर दाखिल किया गया था। बाद में तीसरी मंजिल पर बने आईसोलेशन रूम के एक कमरे में उसे दाखिल करवा दिया था लेकिन गले में एलर्जी यानी फंगस होने के कारण उसे चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया था।
डॉक्टरों ने कहा था कि चंडीगढ़ में अगर उपचार के दौरान वेंटीलेटर की जरूरत पड़ेगी तो वो भी उपलब्ध हो जाएगा। जाने से पहले प्राइवेट एंबुलेंस चालक से यही पूछा था कि ऑक्सीजन है कि नहीं। रास्ते में पता चला कि सिलिंडर में थोड़ी सी ऑक्सीजन थी जो बलदेव नगर के पास ही खत्म हो गई थी।
मरीज को चंडीगढ़ रेफर किया गया था। परिजन दोबारा वापस आए तो उन्होंने मरीज का चेकअप करने की गुहार लगाई थी। एंबुलेंस में जाकर देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी। शव को मोर्चरी में कोविड प्रोटोकॉल के तहत रखवाकर बाद में परिजनों को सौंप दिया गया। - डॉ. धर्मवीर, इमरजेंसी ड्यूटी डॉक्टर, छावनी नागरिक अस्पताल
हमारे संज्ञान में मामला आया था। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। - विजय कुमार, इंस्पेक्टर अंबाला कैंट