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लापरवाही: रेफर हुए संक्रमित मरीज ने एंबुलेंस में दम तोड़ा, ऑक्सीजन सिलिंडर खत्म होने से गई जान 

Sat, 08 May 2021 12:24 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)

सार

परिजनों ने एंबुलेंस चालक पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कहा कि जब वह छावनी नागरिक अस्पताल से चले थे तो मरीज ऑक्सीजन के साथ एंबुलेंस में बैठा था। रास्ते में अचानक ऑक्सीजन सिलिंडर ही खत्म हो गया।  
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अंबाला सामान्य अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा में अंबाला छावनी सामान्य अस्पताल से रेफर हुए कोरोना संक्रमित 42 वर्षीय व्यक्ति की प्राइवेट एंबुलेंस में मौत हो गई। इसके बाद परिजन भड़क गए। परिजनों ने एंबुलेंस चालक पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कहा कि जब वह छावनी नागरिक अस्पताल से चले थे तो मरीज ऑक्सीजन के साथ एंबुलेंस में बैठा था। रास्ते में अचानक ऑक्सीजन सिलिंडर ही खत्म हो गया। शोर मचाकर चालक को पीछे बुलाया तो वह दोबारा ऑक्सीजन चलाकर चंडीगढ़ की तरफ चल पड़ा लेकिन इसी बीच सिलिंडर दोबारा बंद हो गया। थोड़ी ही देर में उनके मरीज ने दम तोड़ दिया। 

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भड़के परिजन छावनी सामान्य अस्पताल पहुंचे और हंगामा किया। स्थिति संभालने के लिए भारी पुलिस बल अस्पताल में बुला लिया गया। परिजनों ने कहा कि उनका अविवाहित बेटा प्राइवेट एंबुलेंस चालक की लापरवाही की भेंट चढ़ गया। जब एंबुलेंस में ऑक्सीजन ही नहीं थी तो वह मना कर देता। आरोप है कि चंडीगढ़ जाने व एंबुलेंस में ऑक्सीजन होने के नाम पर चालक ने उनसे करीब 4 हजार रुपये भी लिए थे। पुलिस ने शव परिजनों को सौंपकर मामले की जांच शुरू कर दी।

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तीन मई को अस्पताल में करवाया गया था भर्ती 

छावनी के पालम विहार निवासी मृतक के भाई मनोज कुमार व विशाल ने बताया कि उनका भाई कोरोना के लक्षणों के चलते 3 मई को अस्पताल में दाखिल हुआ था। टेस्ट में संक्रमित निकलने पर उसे अस्पताल की दूसरी मंजिल पर दाखिल किया गया था। बाद में तीसरी मंजिल पर बने आईसोलेशन रूम के एक कमरे में उसे दाखिल करवा दिया था लेकिन गले में एलर्जी यानी फंगस होने के कारण उसे चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया था।

डॉक्टरों ने कहा था कि चंडीगढ़ में अगर उपचार के दौरान वेंटीलेटर की जरूरत पड़ेगी तो वो भी उपलब्ध हो जाएगा। जाने से पहले प्राइवेट एंबुलेंस चालक से यही पूछा था कि ऑक्सीजन है कि नहीं। रास्ते में पता चला कि सिलिंडर में थोड़ी सी ऑक्सीजन थी जो बलदेव नगर के पास ही खत्म हो गई थी।

मरीज को चंडीगढ़ रेफर किया गया था। परिजन दोबारा वापस आए तो उन्होंने मरीज का चेकअप करने की गुहार लगाई थी। एंबुलेंस में जाकर देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी। शव को मोर्चरी में कोविड प्रोटोकॉल के तहत रखवाकर बाद में परिजनों को सौंप दिया गया। - डॉ. धर्मवीर, इमरजेंसी ड्यूटी डॉक्टर, छावनी नागरिक अस्पताल

हमारे संज्ञान में मामला आया था। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। - विजय कुमार, इंस्पेक्टर अंबाला कैंट

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