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Ambala Cantt: कांग्रेस उम्मीदवार परविंदर पाल परी ने पार्टी पर साजिश का आरोप लगाया, कहा-बागी प्रत्याशी को उतारा

Thu, 10 Oct 2024 11:13 AM IST
नवीन दलाल एएनआई, हरियाणा

सार

हरियाणा विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद अंबाला कैंट से कांग्रेस प्रत्याशी परविंदर पाल पार्टी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है। जिससे पार्टी के आंतरिक मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।
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अंबाला कैंट से कांग्रेस प्रत्याशी परविंदर पाल परी - फोटो : ANI
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विस्तार
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कांग्रेस की करारी हार के बाद अब प्रत्याशियों की नाराजगी सामने आने लगी है। खासकर उन सीटों पर जहां पर कांग्रेस के ही बागी उम्मीदवारों के कारण कांग्रेस के प्रत्याशी हार गए। उसी में से एक सीट अंबाला कैंट की भी है। यहां पर कांग्रेस ने कुमारी सैलजा के गुट से आने वाले परविंदर सिंह परी को टिकट दी थी। जिसके कारण कांग्रेस नेत्री चित्रा सरवारा बागी हो गईं और आजाद मैदान में उतर गईं थी।

मतगणना समाप्त होने के बाद अब कैंट से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे परविंदर सिंह परी ने हार को लेकर पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा कि चुनाव हारना और चुनाव हराना दोनों में फर्क होता है, मुझे चुनाव हराया गया है। उन्होंने पार्टी ने ही एक बागी उम्मीदवार खड़ा कर के पूरे षड़यंत्र के तौर पर उन्हें हराने की कोशिश की है और उनकी मंशा पूरी भी हुई है।

 

कुमारी सैलजा की नराजगी पर परी ने कहा कि उनकी नाराजगी पर तो वही बेहतर बता सकेंगी मगर कहीं न कहीं हमें था कि कुमारी सैलजा सही समय पर आतीं तो आज चुनाव के नतीजे कुछ और ही होते। उन्होंने कहा कि कहीं न कही राहुल गांधी को धोखा दिया गया है, उनको मिसगाइड किया गया। राहुल गांधी के राेड शो के लिए हमें साहा चौक पर आने को कहा गया था। तब हमने राहुल गांधी को रोका और उन्हें बताया कि साहा क्षेत्र मुलाना विधानसभा में आता है वह काफी आश्चर्यचकित हुए। हमने उन्हें बताया कि यहां से 16 किलोमीटर दूर छावनी क्षेत्र आता है।

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पूरे हरियाणा में यह बात है कि छह बार का चुनाव हारने वालों को कांग्रेस टिकट दे देती है फिर भी वह नाखुश थे और कैंट में अपनी बेटी को आजाद उतार देते हैं। यहां तक कि उन्हें बीडी गैंग भूपेंद्र सिंह हुड्डा और दीपेंद्र सिंह हुड्डा का पूरा समर्थन होता है। शहर में तो दीपेंद्र हुड्डा बागियों को मनाने खुद पहुंचते हैं और उन्हें चेयरमैन बनाने का भरोसा देकर उन्हें बैठा लिया जाता है। वहीं दूसरी तरफ सिटी के साथ लगते अंबाला कैंट में दीपेंद्र हुड्डा चित्रा सरवारा को खड़ा कराते हैं। उन्हें सपोर्ट करते हैं, उनके लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को टेलीफोन पर धमकाया जाता है कि आपने आजाद प्रत्याशी का साथ देना है।

कार्यकर्ताओं का कहा जाता है कि चुनाव जीतने के बाद मैं तो बनूंगा मुख्यमंत्री यह बनेंगे मंत्री और चित्रा को हम बाद में कांग्रेस में शामिल कर लेंगे। इतना बड़ा षड़यंत्र हरियाणा कांग्रेस द्वारा रचा गया। उन्होंने कहा कि हम कांग्रेस के सच्चे सिपाही हैं हमेशा पार्टी के साथ खड़े रहे। यह तो वह परिवार है जो कांग्रेस को छोड़कर आप पार्टी में चला गया था। मुझे आज भी याद है कि राहुल गांधी की भारत जोड़ाे यात्रा को रात दिन जागकर सफल बनाया।

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