अंबाला। कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला के चुनाव से पहले जारी होने वाली वोटर लिस्ट पर रोक जारी रहेगी। इस संदर्भ में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है। मामले की अगली सुनवाई 11 जनवरी को होगी। फैसले के बाद ही मतदाता सूची फाइनल मानी जाएगी।
पूर्व पार्षद उमेश बिट्टू साहनी ने हाईकोर्ट में वोटर लिस्ट को चुनौती दी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनका, उनकी पूर्व पार्षद पत्नी व अन्य परिजनों का वोटर लिस्ट से नाम ही हटा दिया गया है। जबकि वे दोनों इस बार चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया कि वोटर सूची को सार्वजनिक करते हुए बोर्ड पर चस्पाया जाता है, ताकि सभी मतदाता वोटर सूची को देख सकें। मगर इस बार ऐसा नहीं किया गया था।
वहीं जब उन्होंने अंतिम मतदाता सूची देखी तो उनका व उनके परिजनों का वोटर लिस्ट से नाम ही गायब था। इसके अलावा और भी बहुत से लोगों के वोटर लिस्ट से नाम गायब किए गए थे। जो कि पूरी तरह से गलत है। कैंटोनमेंट बोर्ड की इसी मतदाता सूची को उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी हुई है। जिस पर हाईकोर्ट ने 11 जनवरी तक रोक लगा रखी है। वहीं, जब तक वोटर लिस्ट को लेकर कोर्ट की ओर से कोई निर्णय नहीं आता है, तब तक यह मतदाता सूची मान्य नहीं हो पाएगी। उधर, कैंटोनमेंट बोर्ड के चुनाव भी प्रस्तावित हैं। मगर इस कोर्ट केस की वजह से चुनाव भी प्रभावित हो सकते हैं।