कोरोना टीकाकरण प्रमाणपत्र जांच को लेकर प्रशासन द्वारा किए जा रहे दावे हकीकत से कोसों दूर नजर आए। प्रशासन का दावा है कि उन्होंने प्रमाणपत्र जांच के लिए नगर निगम, परिषद व पुलिस की टीमों का गठन किया है। उन्होंने प्रत्येक स्थान पर कोरोना प्रमाणपत्रों की जांच के लिए अभियान चलाया है। मगर, जब अमर उजाला टीम ने पड़ताल की तो न तो रेलवे स्टेशन और न ही बस स्टैंड पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी दिखाए दिए। इसके अलावा सब्जी मंडी, अन्य किसी भी मार्केट व रेस्तरां के पास भी कोई कर्मचारी व मुलाजिम जांच करता नहीं दिखाई दिया।
बता दें कि सरकार ने ऐसे लोगों को सार्वजनिक स्थान पर प्रवेश देने से मना कर दिया है, जिन्होंने कोरोना से बचाव के टीके की दोनों डोज नहीं लगवाई है। इस आदेशों को एक जनवरी से लागू करने के हरियाणा गृहमंत्री अनिल विज ने आदेश भी जारी कर दिए थे।
शहर का रेलवे स्टेशन
शहर के रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन हजारों लोग सफर करते हैं। मगर, न तो स्टेशन के अंदर और न ही बाहर किसी पुलिस मुलाजिम द्वारा यात्रियों के कोरोना टीकाकरण प्रमाणपत्र की जांच की जा रही थी और न ही अन्य कोई प्रशासनिक अधिकारी यहां पर मौजूद था।
शहर का बस स्टैंड
शहर का बस स्टैंड कपड़ा मार्केट के बिल्कुल पास स्थित है। यहां से कपड़ा मार्केट में खरीदारी करने के लिए आने वाले हजारों ग्राहक बसों के माध्यम से गंतव्य की ओर रवाना होते हैं। मगर, प्रशासन की ओर से यहां भी कोरोना प्रमाणपत्र जांच को लेकर कोई प्रबंध नहीं किया हुआ था।
शहर की कपड़ा मार्केट
शहर की कपड़ा मार्केट को एशिया की सबसे बड़ी कपड़ा मार्केट के रूप में जाना जाता है। यहां पर न केवल हरियाणा बल्कि पंजाब, हिमाचल व अन्य राज्यों से भी लोग खरीदारी करने आते हैं। वहीं पिछली लहर में यहां से कोरोना की बड़ी चेन मिली थी। इसके बाद यहां पर चेकिंग को लेकर कोई प्रबंध नहीं थे।
छावनी रेलवे स्टेशन
छावनी रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्री उतरते व चढ़ते हैं। मगर, इसके बाद भी न प्रशासन की ओर से और न ही रेलवे प्रशासन की ओर से कोरोना प्रमाणपत्र जांच को लेकर कोई व्यवस्था की गई थी। जोकि आने वाले समय में कोरोना फैलाव का एक बड़ा कारण बन सकता है।
बस स्टैंड
बस स्टैंड पर भी कोरोना प्रमाणपत्र जांच को लेकर कोई व्यवस्था नहीं थी। हालात यह थे कि लोग बिना मास्क के घूम रहे थे। मगर, उन्हें मास्क लगाने के लिए कहने वाला और प्रमाणपत्र जांच के लिए कोई कर्मी मौजूद नहीं था।
होलसेल सब्जी मंडी
छावनी की होलसेल सब्जी मंडी के हालात तो और भी अधिक भयावह दिखाई दिए। यहां लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ था। यह स्थिति तो दिन के समय थी। जबकि सुबह के समय यहां पर और अधिक भीड़ दिखाई देती है। मगर, प्रशासन की ओर से यहां पर जांच को लेकर कोई भी प्रबंध नहीं किया गया था।
यह है प्रशासन का दावा
उपायुक्त विक्रम सिंह ने कहा कि कोरोना से बचाव के टीके की दूसरी डोज लगवाना अनिवार्य है। इसी के दृष्टिगत शनिवार नगर निगम, नगर परिषद व पुलिस की टीमों ने सार्वजनिक स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाकर लोगों को सचेत किया। कई जगहों पर नियमानुसार चालान की कार्रवाई भी अमल में लाई गई। उन्होंने कहा कि जिन्होंने दोनों डोज नहीं ली है, उनके लिए सार्वजनिक स्थानों पर आवाजाही पर पूर्णत: प्रतिबंध रहेगा। साथ ही सरकारी कार्यालयों पर भी यह आदेश लागू रहेंगे।