अंबाला। छावनी के विश्व मानव अधिकार परिषद और बब्याल गांव की महिलाओं ने वीरवार को पारंपरिक तरीके से तीज मनाई। महिलाओं के भाई पारंपरिक तरीके से संधारा लेकर बहन के पास पहुंचे और उनकी झोली खुशियों से भर दी। तीज कार्यक्रम में सभी महिलाओं ने गिद्दा और एकल नृत्य कर इन पलाें को जीवनभर के लिए यादों में कैद किया।
संस्था की महासचिव पूजा गोयल ने बताया कि पुराने समय में भाई-बहन के घर तीज का संधारा ले कर आता था। ऐसा ही हमने अनुभव किया। महिलाओं ने चरखा, चक्की और फुलकारी से सजावट कर पुरानी यादों को ताजा किया। उन्होंने बताया कि आज लोग तीज त्योहार होटलों में और किटी पार्टी के रूप में मनाते हैं। पारंपरिक कार्यों की बात ही निराली है। इस दौरान ममता गोयल, देविंदर कौर, निकेश गुप्ता, सीमा सिंह, सुमन तिवारी, हरमेल कौर, मनप्रीत कौर, प्रीतपाल कौर, प्रभदीप, शरणजीत, सतबीर, सतविंदर, बलविंदर, हरपाल कौर, परविंदर कौर, हरमन सिंह, सरवन सिंह, जगवीर सिंह उपस्थित रहे।