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पांच आईडी बनाकर कर रहा था ई-टिकटों की कालाबाजारी

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सीआईबी टीम की गिरफ्त में टिकटों की कालाबाजारी करने वाला आरोपी। - फोटो : Ambala
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अंबाला। आईआरसीटीसी की वेबसाइट से पांच आईडी के जरिए अवैध तरीके से टिकटें बना रहे एजेंट को आरपीएफ की क्राइम टीम ने धरदबोचा। आरोपी गांव धनाना शहजादपुर निवासी गुरनाम (31) के कब्जे से करीब 41 हजार रुपये की 54 ई-टिकटें बरामद हुईं। उसके खिलाफ आरपीएफ ने केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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गांव धनाना में साईं कंप्यूटर सेंटर/सीएससी सेंटर से आईआरसीटीसी की ई-टिकटों की कालाबाजारी का पता चलने पर जांच की जिम्मेदारी छावनी स्टेशन पर तैनात आरपीएफ की क्राइम टीम को सौंपी गई। उसकी धरपकड़ के लिए सीआईबी एसआई अनिल कुमार की अध्यक्षता में टीम का गठन किया गया। टीम ने वीरवार दोपहर लगभग 12:30 बजे छापा मारा। इस दौरान कंप्यूटर सेंटर से 41,361 रुपये की 54 ई-टिकट बरामद हुईं। इसमें 2463 रुपये की तीन ई-टिकट पर यात्रियों ने सफर करना था और अन्य 38,898 रुपये की 51 ई-टिकटों पर यात्री सफर कर चुके थे।
इस तरह लगा रहा था चूना
कंप्यूटर संचालक ने प्राथमिक पूछताछ में बताया कि उसने अलग-अलग नाम से पांच आईडी बनाई हुई थी। ये अजयधनान2001, आशु5075, राणा94680, शिवांध001 और चंद्रसिंह858 नाम से आईडी थीं। इन्हीं से ही वह ई-टिकट बुक करने का अवैध धंधा कर रहा था।
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यह हैं ई-टिकट बुक करने के नियम
एक महीने में यात्री 12 ई-टिकट बुक कर सकता है। टिकट बुक करने के लिए रेलवे की तरफ आधार सत्यापन के नियम बनाए गए हैं। इसके लिए आईआरसीटीसी रजिस्टर्ड यूजर माई प्रोफाइल में आधार केवाईसी विकल्प में जाकर खुद को आधार से सत्यापित करते हैं। यूजर का आधार सत्यापन उसके आधार में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी के जरिए होता है। इसके बाद ही यूजर ई-टिकट बुक कर सकता है।
ई-टिकटें बनाने के आरोप में छापा मारा गया। 54 ई-टिकट बरामद की गई हैं। आरोपी का लैपटॉप व प्रिंटर जब्त कर उसके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। -अनिल कुमार, इंचाई एसआईबी टीम।
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