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किसानों ने जमाया डेरा तो गोमाता मंदिर उद्घाटन में नहीं पहुंचे भाजपा पदाधिकारी

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किसान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसान। - फोटो : Ambala
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गांव खतौली में अंबाला के पहले गोमाता मंदिर उद्घाटन कार्यक्रम स्थल के पास रविवार को काले झंडे लेकर किसानों ने डेरा जमा लिया। सूचना मिलने के बाद मुख्यातिथि के तौर पर पहुंचने वाले भाजपा पदाधिकारी कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। कार्यक्रम संयोजकों को बिना मुख्य अतिथियों के ही कार्यक्रम को संपन्न करना पड़ा।
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इस बीच कार्यक्रम का संचालन कर रहे भगवान श्री परशुराम गोशाला के सदस्यों और भारतीय किसान यूनियन के बीच कई बार टकराव की स्थिति पैदा हो गई। पहले जब किसान इकट्ठे हुए तो कार्यक्रम प्रमुख देवी लाल ने किसानों को धार्मिक कार्यक्रम में प्रदर्शन न करने का आह्वान किया। परंतु किसान वहीं पर डटे रहे और नारेबाजी की। इसके बाद कार्यक्रम समापन पर किसान यूनियन गाय दान करने के लिए पहुंचे। जिस पर पहले तो संयोजकों ने गाय लेने से मना कर दिया। जहां एक बार फिर किसानों और संयोजकों के बीच काफी तीखी नोकझोंक हुई। परंतु बाद में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे विधि विधान के साथ पूजा पाठ के करते हुए गाय माता को गोशाला में स्थान दिया, जिसके बाद किसान लौट गए।
बता दें कि गांव खतौली में आयोजित कार्यक्रम में पहले गृह मंत्री अनिल विज को मुख्यातिथि के तौर पर बुलाया गया था। परंतु उनकी तबीयत खराब होने की वजह से अन्य भाजपा पदाधिकारियों ने कार्यक्रम में आने की हामी भर दी थी, लेकिन रविवार को तय कार्यक्रम में जैसे ही भाजपा पदाधिकारियों के पहुंचने की सूचना किसानों को लगी तो किसान भी काले झंडे लेकर कार्यक्रम स्थल पर दोपहर लगभग साढ़े 12 बजे पहुंचे गए, लेकिन कार्यक्रम स्थल पर किसानों के होने की सूचना मिलने के बाद भाजपा पदाधिकारी वहां नहीं पहुंचे। साढ़े 3 बजे तक इंतजार करने के बाद किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री और विधायक का पुतला फूंकते हुए विरोध जताया और सरकार से कृषि कानून वापस लेने की मांग की।
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