बाइक राइडर अगमदुई और एलिजाबेथ ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य समाज को अरुणाचल प्रदेश के बारे में जानकारी देना है, क्योंकि उत्तर-पूर्व के अधिकतर लोग चाइनीज (चीन के निवासियों) की तरह लगते हैं। यही कारण है कि उत्तरी राज्यों में रहने वाले लोग उत्तर-पूर्व निवासियों को कोरोना कहकर बुलाने लगे थे।
अरुणाचल प्रदेश से बाइक पर देश भ्रमण पर निकलीं युवतियां अंबाला पहुंचीं। यहां इद्रिश फाउंडेशन की ओर से टांगरी बांध के पास लगाई जा रही जरूरतमंद बच्चों के लिए कक्षा का उन्होंने दौरा किया। इस दौरान बाइक राइडर अगमदुई और एलिजाबेथ ने बच्चों को भविष्य में मेहनत करने और आगे बढ़ने का संदेश दिया।
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उन्होंने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य समाज को अरुणाचल प्रदेश के बारे में जानकारी देना है, क्योंकि उत्तर-पूर्व के अधिकतर लोग चाइनीज (चीन के निवासियों) की तरह लगते हैं। यही कारण है कि उत्तरी राज्यों में रहने वाले लोग उत्तर-पूर्व निवासियों को कोरोना कहकर बुलाने लगे थे। ऐसे में पूर्वांचल के लोगों को काफी बुरा लगता था। इसी सोच को बदलने के प्रयास से वह बाइक पर पूरे देश का भ्रमण करते हुए लोगों को जागरूक कर रही है।
दोनों बाइकरों ने बताया कि उत्तर-पूर्व के राज्य भी भारत देश का ही एक हिस्सा हैं और वहां रहने वाले लोग भी भारतीय हैं। उनका प्रयास है कि एक भारत श्रेष्ठ भारत का सपना साकार हो सके। इस दौरान संस्था के सदस्यों ने अरुणाचल प्रदेश से आई बाइक राइडरों का स्वागत किया और संस्था के प्रयासों के बारे में जानकारी दी। साथ ही बच्चों को अरुणाचल प्रदेश से संबंधित जानकारी देने के लिए पोस्टर भी वितरित किए गए।
टांगरी बांध के पास पहुंची अरुणाचल प्रदेश से बाइक राइडर की टीम का स्वागत करती नन्ही बच्ची इद्रिश - फोटो : Ambala