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खुद स्वावलंबी बनकर दूसरों को सिखा रहीं आत्मनिर्भर बनना

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अंबाला सिटी। महिलाएं आज के दौर में आत्मनिर्भर बन रही हैं। सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं का लाभ लेते हुए महिलाओं की ओर से स्वयं सहायता समूह चलाए जा रहे हैं। इसमें वह स्वयं काम कर रही हैं। साथ ही अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने का मौका दे रही हैं ताकि अन्य महिलाओं को किसी के भरोसे न रहना पड़े और वह स्वयं का काम करते हुए अपना व परिवार का भरण पोषण कर सकें। अमर उजाला टीम ने ऐसी ही स्वयं सहायता समूह चलाने वाली महिलाओं से बात की।
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अपना काम कर अच्छा लगता है
हम अपना स्वयं सहायता समूह चला रही हैं। इसके तहत हम अपने विभिन्न कार्य भी कर रही हैं। अब अपना काम करके हम महिलाओं को काफी अच्छा लगता है। हमारा मानना है कि सभी महिलाओं को कुछ न कुछ काम जरूर करना चाहिए और अपने आप को आत्मनिर्भर बनाना चाहिए।
- रुपिंद्र कौर, गांव जैतपुरा।
एक गुर होना बहुत जरूरी
महिलाओं के हाथ चाहे कोई भी एक गुर हो पर होना बहुत जरूरी है ताकि अगर भविष्य में कुछ अनहोनी भी होती है तो उसे किसी पर निर्भर रहने की जरूरत न पड़े। संकट की घड़ी में वह स्वयं ही अपना काम करते हुए जीवन में आगे बढ़ सके और दूसरों को भी आगे बढ़ने का मौका दें।
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- गुरदीप कौर, गांव नग्गल।
एक बार काम करने की जरूरत
शुरुआत में तो पहला कदम रखते हुए महिलाओं को समझाना काफी कठिन काम होता है, परंतु जब एक बार काम शुरू कर दिया तो अब काफी कुछ सीखने को मिल रहा है। अन्य महिलाओं को भी इससे रोजगार प्राप्त हो रहा है जो बुहत अच्छी बात है। सभी महिलाओं को आगे आना चाहिए।
- कमलजीत, गांव सुल्लर।
स्वयं के लिए खड़े रहना चाहिए
महिलाओं को स्वयं के लिए और समाज के लिए खड़े रहना चाहिए। आज हमारे साथ करीब 10 महिलाएं जुड़ी हुई हैं जो हर काम में हाथ बढ़ाती हैं। कभी सुख-दुख आता है तो उसमें भी शामिल होकर मदद करती हैं। सभी महिलाओं को समाज में आगे बढ़ना चाहिए और आत्मनिर्भर होना चाहिए।
- अमरजीत, गांव रौलों।
किसी की ओर नहीं देखना पड़ता
हमारे साथ करीब 10 महिलाएं काम कर रही है। यह खुशी है कि हम महिलाओं को किसी ओर की तरफ देखना नहीं पड़ता है। बढ़ती महंगाई में जितने ज्यादा लोग कमाई करते हैं, उतना ज्यादा अच्छा होता है। सभी महिलाओं को क्षमता के अनुसार कुछ न कुछ काम जरूर करना चाहिए।
- सीमा रानी, गांव टुंडली।
कुछ करेंगे तो अलग पहचान होगी
जब हम काम करेंगे तो समाज में हमारी एक अलग पहचान होगी और स्वयं का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा कि हम कुछ कर रहे हैं, इसलिए सभी महिलाओं को कुछ न कुछ काम जरूर करना चाहिए। चाहे वह अपना काम हो या फिर समूह में जुड़कर किया गया काम हो।
- रेखा रानी, गांव खतौली।
प्रेरणा लेकर आगे बढें
पहले वाला दौर नहीं रह गया है, कि महिलाएं केवल चूल्हा संभालने के लिए घर पर ही रहती थी। अब महिलाएं हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं। सब्जी बेचने से लेकर रॉकेट चलाने तक हर काम में महिलाएं आगे हैं। ऐसी महिलाओं से हमें प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
- कमलप्रीत कौर, गांव जंटपुर
महिला अपने आप में एक शक्ति
समाज में महिलाओं के बिना कुछ भी संभव नहीं है। हर एक महिला अपने आप में एक पूरी शक्ति है जो जीवन में बहुत से रिश्तों को संजोकर चलती है। जैसे महिलाएं घर संभाल लेती हैं वैसे ही हर मुश्किल से लड़ते हुए समाज से जुड़े काम भी पूरे कर लेती हैं। नारी महान है।
- सरला देवी, गांव खुड्डां कलां।
कम न आंकें, बस आगे बढ़ें
हर महिला में नवदुर्गा का रूप होता है, बस महिला को उस नवदुर्गा के रूप को पहचानने की आवश्यकता होती है। समय के अनुसार उन्हें किस रूप को धारण करना है, यह भी बहुत जरूरी है। कभी भी किसी भी महिला को अपने आप को कम नहीं आंकना चाहिए और आगे बढ़ता रहना चाहिए।
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- रीना रानी, गांव सपेड़ा।
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